जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के जारी प्रदर्शन के बीच राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनशील और मानवीय रवैया अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ कठोर व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
‘सरकार इतनी निर्दयी न बने’
प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कपिल सिब्बल ने सरकार से भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार से मेरी अपील है कि इतनी निर्दयी मत बनिए. हमारे बच्चों तक खुलकर खाना पहुंचने दीजिए.” उनका कहना था कि आंदोलन में शामिल छात्र देश का भविष्य हैं, इसलिए उनके साथ संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से व्यवहार किया जाना चाहिए।
भोजन की आपूर्ति रोकने का आरोप, सरकार से की अपील
सिब्बल ने कहा कि प्रदर्शन स्थल तक भोजन पहुंचाने वाले होटल, रेस्तरां और अन्य भोजनालयों को किसी प्रकार के निर्देश देकर खाने की आपूर्ति नहीं रोकी जानी चाहिए। उनके अनुसार, भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकता को किसी भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को उसकी मूलभूत जरूरतों से वंचित करना उचित नहीं है।
इंटरनेट बंद करने और लोगों को रोकने पर भी जताई आपत्ति
राज्यसभा सांसद ने प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने और जंतर-मंतर पहुंचने वाले लोगों को कथित रूप से परेशान किए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इंटरनेट बंद करने जैसे कदमों से बचा जाए और प्रदर्शन स्थल पर आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उनके अनुसार, ऐसी कार्रवाई से स्थिति सामान्य होने के बजाय लोगों में असंतोष बढ़ सकता है।
‘दमन नहीं, संवाद का रास्ता अपनाइए’
कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि सरकार भोजन की आपूर्ति रोकने, इंटरनेट सेवाएं बंद करने या प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने वाले लोगों को परेशान करने जैसे कदम उठाती है, तो इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा बल्कि और तेज हो सकता है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि विरोध को दबाने के बजाय बातचीत और संवाद का रास्ता अपनाया जाए। केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “याद रखिए, हर सत्ता अस्थायी होती है.”