समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार, 21 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने AI के इस्तेमाल, आउटसोर्सिंग भर्ती, कथित पेपर लीक, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं, PDA ऑडिट और चुनावी तैयारियों समेत कई विषयों पर अपनी बात रखी। अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी रिकॉर्ड सीटों पर जीत हासिल करेगी।
AI और सोशल मीडिया वीडियो को लेकर अखिलेश ने कही ये बात
अखिलेश यादव ने कहा कि Artificial Intelligence यानी AI का इस्तेमाल सकारात्मक और अच्छे कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इसका इस्तेमाल नकारात्मक प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी वीडियो बना रहे हैं और इन वीडियो को तैयार करने के लिए उन्हें किसी तरह का पैसा नहीं दिया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वह नकारात्मक वीडियो बनाना नहीं चाहते, लेकिन जिस प्लेटफॉर्म पर चुनावी मुकाबला चल रहा है, वहां अपनी बात का जवाब देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को ऐसा करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ता अपने स्तर पर मुफ्त में वीडियो तैयार करके लोगों तक पार्टी की बात पहुंचा रहे हैं।
PDA के लाल रंग पर BJP पर तंज
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के PDA अभियान और उसके लाल रंग को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा का अपना रंग लाल है, लेकिन कुछ लोगों को हर चीज एक ही रंग में दिखाई देती है। इसी दौरान उन्होंने कहा, “सावन के अंधे को हरा दिखता है.”
उन्होंने दावा किया कि PDA रथ से विरोधी घबराए हुए हैं और समाजवादी पार्टी का PDA अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। अखिलेश के मुताबिक, पार्टी के इस अभियान का प्रभाव आगामी विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा।
2027 चुनाव में रिकॉर्ड सीटें जीतने का दावा
अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड सीटें जीतेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी की बैठक में उन विधानसभा सीटों पर भी चर्चा हुई, जहां पिछली बार सपा को जीत नहीं मिली थी। रिजर्व सीटों को लेकर भी संगठन के स्तर पर रणनीति तैयार की जा रही है।
अखिलेश यादव ने इससे पहले पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सपा के वोट बढ़ाने के लिए काम करने की बात कही थी। उन्होंने तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ लोगों के घरों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं समझने और न्याय व सम्मान की बात रखने पर जोर दिया।
PDA Audit में 11 हजार पदों और पेपर लीक का मुद्दा
सपा अध्यक्ष ने अपनी PDA Audit रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पहली PDA Audit में करीब 11 हजार पदों से जुड़ी अनियमितताओं का मुद्दा सामने आया था। वहीं, दूसरी रिपोर्ट में 20 से ज्यादा कथित पेपर लीक के मामलों का जिक्र होने की बात उन्होंने कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाली PDA Audit रिपोर्ट में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं से जुड़ी घटनाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में 151 आंबेडकर प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया। ये आंकड़े समाजवादी पार्टी द्वारा तैयार किए गए ऑडिट से जुड़े हैं।
बाबा साहब की प्रतिमाओं और संविधान को लेकर सरकार पर आरोप
अखिलेश यादव ने आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को संविधान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के हाथ में संविधान की किताब होने के कारण कई मामलों में सबसे पहले उसी हिस्से को निशाना बनाए जाने की बात सामने आती है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान की परवाह नहीं करती और हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के प्रति भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अखिलेश यादव द्वारा बताए गए 151 मामलों में 14 मामलों में गिरफ्तारी, 45 में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR और 84 मामलों में कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया है। ये आंकड़े सपा के ऑडिट और अखिलेश यादव के बयानों पर आधारित हैं।
आउटसोर्सिंग भर्ती पर कमीशन का आरोप
आउटसोर्सिंग भर्ती को लेकर भी अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के बीच अंतर बताते हुए कहा कि नियमित सरकारी नौकरी में बजट से सीधे वेतन का भुगतान होता है, जबकि आउटसोर्सिंग में किसी कंपनी के माध्यम से कर्मचारियों को भुगतान किया जाता है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के जरिए कमीशन लेने और अपने लोगों को लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पहले भी आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्ति जताई है और इसे आरक्षण से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
नकली दवाओं और कोडीन के कथित कारोबार का मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं और कोडीन के कथित कारोबार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से इस तरह के मामलों में कार्रवाई को लेकर सवाल किया और प्रदेश में ऐसे कारोबार के चलने का आरोप लगाया।
हालांकि, इन आरोपों को अखिलेश यादव के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इन मुद्दों को राज्य सरकार के कामकाज पर अपनी व्यापक आलोचना के संदर्भ में उठाया।
UP के बंटवारे की चर्चा पर अखिलेश का पलटवार
उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की चर्चा पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आज प्रदेश को बांटने की बात कर रहे हैं, वे भविष्य में देश को भी बांटने की बात कर सकते हैं।
उन्होंने अमेरिका और जर्मनी का उदाहरण देते हुए बड़े देशों और राज्यों के विभाजन की राजनीति पर सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि अगर आज उत्तर प्रदेश के बड़ा होने को आधार बनाकर इसे बांटने की बात हो रही है, तो भविष्य में देश के बड़ा होने का तर्क देकर उसे भी बांटने की बात कही जा सकती है।
ओवैसी के साथ गठबंधन पर अखिलेश ने दिया जवाब
असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन का जो स्वरूप था, वही आगे भी रहेगा। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
वहीं, उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान PDA से जुड़े अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी में तैनात न किया जा सके, इसलिए तबादले किए जा रहे हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों और BLO तथा इंजीनियरों की बैठकों को लेकर भी सवाल किया। अखिलेश यादव ने कहा कि जिस दिन चुनाव की तारीख घोषित होगी, उसी दिन बीजेपी की हार तय हो जाएगी।
अमेरिका के Tariff पर भी केंद्र सरकार पर तंज
अखिलेश यादव ने अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर भी केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अमेरिका की ओर से लगाए गए 100 प्रतिशत टैरिफ को जन्मदिन पर मिले “रिटर्न गिफ्ट” के तौर पर बताया।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई बीजेपी से जुड़ा है तो वह कुछ भी बोल सकता है। इसके साथ ही उन्होंने एक दुखी मां से मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए सरकार के लोगों की भाषा पर भी सवाल उठाया।
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बार फिर दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने और PDA के जरिए चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने का काम लगातार जारी है।