Sonam Wangchuk के आंदोलन पर Rakesh Tikait का बड़ा बयान, 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होंगे या नहीं? खुद किया साफ

जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लगातार विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया, लेकिन 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने को लेकर अपनी स्थिति भी स्पष्ट कर दी।

आंदोलन के समर्थन में पहुंचे राकेश टिकैत

सोनम वांगचुक के अनशन के 19वें दिन राकेश टिकैत जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। एबीपी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा हमेशा जन आंदोलनों और आंदोलनकारियों के साथ खड़ा रहता है।

उन्होंने कहा कि सरकार को भूख हड़ताल को गंभीरता से लेना चाहिए, लेकिन केवल अनशन से बदलाव नहीं आता, बल्कि व्यापक जन आंदोलन से परिवर्तन संभव होता है।

20 जुलाई के संसद मार्च पर क्या बोले टिकैत?

20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने के सवाल पर राकेश टिकैत ने साफ कहा कि वह इस मार्च का हिस्सा नहीं बनेंगे।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त किसान मोर्चा आंदोलन का समर्थन करता है, लेकिन वह व्यक्तिगत रूप से भूख हड़ताल के पक्ष में नहीं हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी बोले

राकेश टिकैत ने कहा कि देश का युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार इस्तीफा देने वाली नहीं है।

19 दिनों से जारी है सोनम वांगचुक का अनशन

सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके डॉक्टरों के अनुसार, इस दौरान उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और लंबे समय तक अनशन जारी रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लगातार उपवास के कारण शरीर के आंतरिक अंग भी प्रभावित हो सकते हैं।

सरकार के जवाब तक अनशन जारी रखने की बात

बुधवार देर रात जारी वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने राजनीतिक दलों और समर्थकों की अपील के बावजूद अनशन समाप्त करने से इनकार किया था।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब मिले बिना भूख हड़ताल समाप्त करने से गलत संदेश जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने की अपील भी की।

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