अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. अब इस केस में दहेज प्रताड़ना, वित्तीय विवाद और डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर पहलुओं की जांच की जा रही है. सीबीआई ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके पति समर्थ सिंह पहले से हिरासत में हैं.
3 दिन की पूछताछ के बाद सास गिरफ्तार
सीबीआई ने करीब तीन दिनों तक चली लंबी पूछताछ, फोरेंसिक मैपिंग, घटनास्थल के सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया. एजेंसी का मानना है कि मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ और घटनाक्रम को छिपाने की कोशिश की गई हो सकती है.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि 12 मई की रात भोपाल के उस प्रतिष्ठित परिवार में आखिर क्या हुआ था.
शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना के आरोप
ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से अदालत में पेश दस्तावेजों में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. परिवार का दावा है कि शादी के तुरंत बाद से ही ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था.
आरोप है कि शादी में दिए गए दहेज और उपहारों को परिवार की ओर से बार-बार कमतर बताया जाता था. जांचकर्ताओं के मुताबिक वियतनाम यात्रा से लौटने के बाद ट्विशा के साथ व्यवहार और ज्यादा खराब हो गया था.
20 लाख रुपये के शेयर बने विवाद की वजह?
सीबीआई अब ट्विशा शर्मा के वित्तीय मामलों की भी जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक ट्विशा के पास करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे. परिवार का आरोप है कि समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह इन शेयरों को अपने नाम ट्रांसफर करवाना चाहते थे.
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आर्थिक विवाद भी परिवार के भीतर तनाव और संघर्ष की बड़ी वजह बना.
प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन को लेकर भी गंभीर आरोप
ट्विशा के परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल उठाए गए थे और उन पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया था.
परिवार के सदस्यों का दावा है कि ट्विशा से कहा गया था कि गर्भपात कराने के बाद ही उन्हें परिवार में स्वीकार किया जाएगा. अब सीबीआई इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है.
डिजिटल रिकॉर्ड और आखिरी घंटों की जांच
सीबीआई अब ट्विशा शर्मा की मौत से पहले के आखिरी घंटों को जोड़ने की कोशिश कर रही है. जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि उस रात घर में कौन-कौन आया और गया, कौन से फोन सक्रिय थे और इंटरनेट पर क्या गतिविधियां हुईं.
इसके अलावा एजेंसी यह भी जांच रही है कि परिवार के सदस्यों के बयान डिजिटल सबूतों से मेल खाते हैं या नहीं.
मौत के बाद क्या हुआ, इस पर भी सवाल
जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि अगर ट्विशा छत से लटकी हुई मिली थीं, तो उनका शव नीचे किसने उतारा और बिना अधिकारियों को सूचना दिए CPR क्यों दिया गया.
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि शव को हटाने से क्या संभावित क्राइम सीन प्रभावित हुआ और क्या इससे अहम सबूत नष्ट हुए.