लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेले और आगामी त्योहारों को लेकर शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सीएम ने अफसरों को एसी कमरों से निकलकर ‘फील्ड’ (जमीन) पर उतरने का सीधा आदेश दिया है। सीएम ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के 5 बड़े निर्देश:
- पौष पूर्णिमा की तैयारी: प्रयागराज में पौष पूर्णिमा पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए सीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं, एम्बुलेंस और घाटों पर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है।
- महिलाओं की सुरक्षा: सीएम ने महिलाओं के लिए घाटों पर चेंजिंग रूम बनाने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छेड़खानी या अराजकता फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो।
- नाविकों की मनमानी पर रोक: तीर्थ स्थलों पर नाविकों द्वारा श्रद्धालुओं से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर सीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ऐसा करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- शीतलहर से बचाव: भीषण ठंड को देखते हुए रैन बसेरों (Night Shelters) को दुरुस्त करने और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। सीएम का आदेश है कि ‘कोई भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो।’
- जाम से मुक्ति: सड़कों पर अवैध टैक्सी और बस स्टैंड को हटाकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ और भू-माफिया पर नजर
सीएम ने अधिकारियों को अगले 10 दिनों में बाढ़ बचाव की कार्ययोजना बनाने और भूमि कब्जाने वाले माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने का भी आदेश दिया है।