घुसपैठियों में भगदड़ मची है, SIR पर हो रही सियासत को लेकर ब्रजेश पाठक का विपक्ष पर हमला, बोले- संभावित हार से डर रहे हैं

यूपी के डिप्टी सीएम ने कहा- बिहार में कोई मतदाता नहीं मिला जिसका वोट कटा हो, बंगाल में भी NDA की जीत होगी

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में शुद्धिकरण की प्रक्रिया SIR (स्पेशल इन्टेंसिव रिविजन) को लेकर हो रही सियासी बयानबाजी पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विरोधी दलों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष अपनी संभावित हार से डर रहा है, इसलिए ऐसे आरोप लगा रहा है।

डिप्टी सीएम ने विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बड़ा दावा करते हुए कहा कि, “यूपी में बीजेपी 2017 का इतिहास दोहराएगी और फिर प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी।”

SIR पर विपक्ष के आरोपों का जवाब

ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष जो भी कह रहा है, वह अपनी संभावित हार को देखते हुए आरोप लगा रहा है। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा:

“अगर बिहार में एसआईआर हुआ है तो वहां पर एक भी ऐसा मतदाता ढूंढने से नहीं मिला, जिसने ये कहा हो कि उसका वोट कट गया। निष्पक्ष पारदर्शिता के साथ मतदान हुआ है और बिहार की जनता ने जंगलराज को कभी भी वापस न लाने के लिए, प्रधानमंत्री का ग़रीब कल्याण योजनाओं और नीतीश कुमार के सुशासन पर मुहर लगाई है।”

घुसपैठियों में भगदड़ का दावा

डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि एसआईआर लागू होने के बाद अवैध घुसपैठियों में भगदड़ मची हुई है:

“एसआईआर लागू होने के बाद से घुसपैठिए, जो अवैध घुसपैठिए थे… जो पश्चिम बंगाल में देश में या कहीं भी रह रहे हैं उनमें भगदड़ है, वो देश छोड़कर भाग रहे हैं। ऐसे एक-एक घुसपैठिए को देश से निकालकर देश विरोधी तत्वों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करके देश से निकालकर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।”

यूपी और बंगाल में प्रचंड जीत का दावा

विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए ब्रजेश पाठक ने आगे कहा:

“चाहे पश्चिम बंगाल हो या उत्तर प्रदेश हो प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी जीतकर आएगी, उसका कारण है कि पिछली बार बंगाल का वोट प्रतिशत देख लीजिए बहुत मामूली से मार्जिन से हम रह गए थे, इस बार वहां भी प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी आ रही है।”

बता दें कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विरोधी दल एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसकी समयावधि तीन महीने और बढ़ाए जाने की मांग की है।

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