Asim Munir-Trump Meet: परमाणु संकट टला या छुपा दिया गया? ट्रंप-मुनीर मुलाकात पर उठे कई सवाल!

Asim Munir-Trump Meet, परमाणु संकट टला या छुपा दिया गया? ट्रंप-मुनीर मुलाकात पर उठे कई सवाल!

वॉशिंगटन, 18 जून। Asim Munir-Trump Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस आमंत्रित किया और भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने में उनके योगदान के लिए आभार प्रकट किया। यह मुलाक़ात मंगलवार को व्हाइट हाउस में हुई, जिसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

“युद्ध से पीछे हटना समझदारी भरा कदम” — ट्रंप

मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “जनरल आसिम मुनीर ने भारत-पाक युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाई। मैं उनसे मिलकर खुद को सम्मानित महसूस करता हूं।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह मुलाक़ात पहले से निर्धारित थी और उनके सम्मान में एक विशेष लंच का आयोजन भी किया गया, हालांकि मीडिया को उसमें आमंत्रित नहीं किया गया।

ईरान पर भी चर्चा, “मुनीर ईरान को गहराई से समझते हैं”

राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि इस मुलाकात में ईरान को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “जनरल मुनीर ईरान को बेहद अच्छे से जानते हैं, शायद दूसरों से भी बेहतर। वह मौजूदा हालात से नाखुश हैं।” ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि मुनीर के इसराइल से भी संबंध खराब नहीं हैं और वे दोनों पक्षों को अच्छी तरह समझते हैं।

भारत के साथ भी बातचीत, परमाणु युद्ध की आशंका टली

राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ सप्ताह पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु ताकतें हैं। स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन दो समझदार नेताओं ने युद्ध को टालने का निर्णय लिया।”
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका दोनों देशों के साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहा है।

विदेश सचिव का बयान: ‘मध्यस्थता की कोई बात नहीं हुई’

प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की बातचीत पर टिप्पणी करते हुए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा था, “प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत-पाक संघर्ष के दौरान किसी भी स्तर पर न तो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और न ही किसी मध्यस्थता पर चर्चा हुई।”

ईरान-इसराइल संघर्ष की पृष्ठभूमि में बढ़ती हलचल

यह बैठक ऐसे समय हुई जब 13 जून को ईरान पर इसराइल के हमले के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका इस संघर्ष में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, “शायद हां, शायद नहीं। कोई नहीं जानता मैं क्या करने वाला हूं।”
ईरानी सरकार में बदलाव की संभावना पर भी उन्होंने कहा, “बिलकुल, कुछ भी हो सकता है।”

ईरान के साथ भी संपर्क में हैं मुनीर

जनरल आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरानी सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद हुसैन बाकरी से भी मुलाक़ात की थी, जो बाद में इसराइली हमले में मारे गए। वह उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी थे जिसने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई से भेंट की थी।

पहली बार विदेशी सेना प्रमुख को मिला यह सम्मान

यह पहली बार है जब ट्रंप ने किसी विदेशी सेना प्रमुख को वन-ऑन-वन मुलाक़ात के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित किया है। इससे पहले 2001 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुलाक़ात की थी, लेकिन वह उस वक्त पाकिस्तान के राष्ट्रपति भी थे।

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