अक्लमंद के लिए इशारा काफी है, क्या कहना चाहते हैं ओपी राजभर?

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ओपी राजभर अपने को दो विभागों का मंत्री बताते हुए यहां तक कह रहे हैं कि अक्लमंद के लिए इशारा काफी है।उनके बयान को सपा और विपक्षी नेताओं ने आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि वह पंचायती राज मंत्री होने का धौंस देकर ग्राम प्रधानों को धमका रहे हैं। विपक्षी नेताओं के ओपी राजभर पर हमलावर होते ही बेटा अरुण राजभर सामने आया है। सुभासपा महासचिव अरुण राजभर ने पूरे मामले पर सफाई दी है। सूत्रों का यहां तक दावा है कि वीडियो को निर्वाचन आयोग ने भी संज्ञान लिया है।

यूपी की घोसी सीट से ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर मैदान में हैं। भाजपा ने गठबंधन के तहत यह सीट राजभर को दी है। बेटे को जिताने के लिए लगातार राजभर प्रचार में लगे हैं। इसी दौरान अपने कार्यालय पर आयोजित एक बैठक को ओपी राजभर संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि आप जान लो कि ओमप्रकाश राजभर पंचायती राज मंत्री हैं। अक्लमंद के लिए इशारा काफी है, और नहीं कहूंगा और दूसरा विभाग अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ बोर्ड और हज विभाग है। वो बहुत तगड़ा है, 20 फीसदी आबादी है, ओहू से खुशी है। अपने से कार्यालय जाकर कह रहे हैं की छड़ी पर वोट देंगे।

ओपी राजभर के 29 सेकेंड के इस वीडियो को ही विपीक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर डालते हुए ओपी राजभर पर ग्राम प्रधानों को धमकाने का आरोप लगाया है। घोसी से सपा प्रत्याशी राजीव राज ने राजभर का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कभी प्रधानमंत्री को धमकाते थे। अब गांव के प्रधानों को धमका रहे हैं। पहले भाजपा मंत्रियों और कार्यकर्ताओं को गरियाते थे, अब…..?

ओपी राजभर के बेटे अरुण की आई सफाई
पूरे मामले पर ओपी राजभर के बेटे और सुभासपा के महासचिव अरुण राजभर ने सफाई देते हुए कहा कि ये वीडियो घोसी का है। वीडियो कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का ही है लेकिन पूरा संदर्भ इस वीडियो में नहीं दिखाया गया है। वीडियो का एक हिस्सा काटकर मात्र 28 सेकंड के बयान के मायने बदलने का कुत्सित प्रयास विपक्ष कर रहा है। इस भाषण में पंचायती राज मंत्री होने की बात इसलिए कही जा रही कि विपक्ष ओम प्रकाश राजभर के साथ जो साज़िश करने की कोशिश कर रहा है, वो ऐसा ना करे क्योंकि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ साथ राजभर मंत्री भी हैं।

अरुण ने कहा कि जब से सुभासपा का बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ है तभी से विपक्ष ये कोशिश कर रहा है कि ओमप्रकाश राजभर को बदनाम किया जा सके। साथ ही एक संदेश ये भी है कि पंचायती राज मंत्री होने के नाते ग्रामीण इलाक़ों का विकास होगा, ये गारंटी है। इसी को लेकर कहा गया कि समझदार को इशारा काफ़ी है।

कहा कि ओम प्रकाश राजभर ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की भी बात इस वीडियो में की है। घोसी संसदीय सीट पर जबसे अरविंद राजभर के चुनाव लड़ने की घोषणा हुई है, अबतक हज़ारों की संख्या में अल्पसंख्यक भाइयों ने अरविंद राजभर को अपना समर्थन जताया है। इस बयान का संदर्भ ये है कि अल्पसंख्यक भाइयों से ओम प्रकाश राजभर का बहुत पुराना जुड़ाव है। इस जुड़ाव में बढ़ोतरी और बढ़ गई जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओमप्रकाश राजभर को प्रदेश में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की भी ज़िम्मेदारी दे दी। घोसी संसदीय सीट के तमाम अल्पसंख्यक समुदाय के भाई बहन आगे बढ़कर अपना समर्थन बीजेपी-सुभासपा प्रत्याशी अरविंद राजभर को देने का काम किया है।

क्या बोले ओपी राजभर
वहीं, ओपी राजभर जी ने कहा कि विपक्ष लगातार बीजेपी और सुभासपा को बदनाम करने के हर हथकंडे अपना रहा है। विपक्ष को पता है कि यूपी में सभी 80 सीटें एनडीए जीतने जा रहा है। ऐसे में विपक्ष फ़र्ज़ी वीडियो, एडिटेड वीडियो, आधा वीडियो, ग़लत संदर्भ वाले बयान, झूठा प्रोपेगंडा और झूठे आरोप लगाकर इस भ्रम में है कि जनता उन पर यक़ीन करेगी। जबकि उन्हें शायद नहीं पता कि जनता ने मन बना लिया है कि अबकी बार 400 पार का नारा सच होने जा रहा है। पीएम मोदी तीसरी बार शपथ लेंगे, ये जनता ने तय किया है। सुभासपा मज़बूती के साथ एनडीए के साथ है और विपक्ष के प्रोपेगंडा से ना सुभासपा के मनोबल पर कोई असर पड़ेगा और ना जनता के हमपर क़ायम विश्वास पर।

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