उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (26 सितंबर) को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में 3.96 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में ₹89.96 करोड़ की छात्रवृत्ति ट्रांसफर की। सीएम ने कहा कि इस धनराशि का उपयोग छात्र अपनी पढ़ाई और शिक्षा में करें। उन्होंने घोषणा की कि पिछले वर्ष जिन छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उन्हें दीपावली से पहले स्कॉलरशिप उपलब्ध कराई जाएगी।
2025-26 में अब तक ₹2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित
सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने 2025-26 में वंचित वर्गों के लिए अब तक ₹2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति बांटी है। साथ ही, पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण का बजट ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ कर दिया गया है।
एक्स पोस्ट में सीएम का संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि “सतत विकास के लक्ष्य को पाने में शिक्षा की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में वंचित वर्ग को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति से जोड़कर उन्हें बेहतर शिक्षा का अवसर मिला है। शारदीय नवरात्रि पर 3.96 लाख छात्रों को ₹89.96 करोड़ की राशि का हस्तांतरण किया गया है। सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।”
स्कॉलरशिप वितरण पर सीएम का संबोधन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “पहले छात्रवृत्ति में भेदभाव होता था, यह मार्च-अप्रैल तक आती थी, लेकिन अब सितंबर में ही छात्रों के खातों में भेज दी जाती है। पहले हजारों छात्र इससे वंचित रह जाते थे, लेकिन आज तकनीक की मदद से डीबीटी के जरिए यह सीधे खातों में पहुंच रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह वर्ष शताब्दी संकल्प वर्ष है और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश भी मजबूत आधार तैयार कर रहा है।
शिक्षा और समाज को लेकर संदेश
सीएम ने कहा कि कुछ ताकतें समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हर छात्र को शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर कहते थे कि जब तक हम अच्छी शिक्षा हासिल नहीं करेंगे, कोई भी सरकार हमारा कल्याण नहीं कर सकती।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे सरकार की सुविधाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें और अपने कौशल से समाज को दिशा दें।