
ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान बीजू जनता दल और कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। वे गंजम जिले में शराब त्रासदी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।कार्यवाही के दौरान बीजेडी और कांग्रेस के नेता सदन के बीचों-बीच आकर हंगामा किया। कुछ विधायक तो विधानसभा अध्यक्ष के आसन तक भी पहुंच गए। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आसन के पास से दूर किया। विपक्ष राज्य के आबकारी मंत्री के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है।दरअसल, चिकिटी प्रखंड के माउंडपुर, जेनसाही और करबालुआ गांवों के करीब 20 लोग सोमवार शाम एक स्थानीय गैर-लाइसेंसी दुकान से देसी शराब पीने के बाद बीमार पड़ गए थे। इनमें से दो की मौत भी हो गई थी। 13 का बेहरामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है।विपक्ष ने जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा ओडिशा विधानसभा में लगातार दो दिन तक उठाया। बीजद ने अवैध देशी शराब की दुकानों के प्रसार को रोकने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। इस मुद्दे पर बुधवार और गुरुवार को सदन की कार्यवाही बाधित हुई।इससे पहले आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि राज्य सरकार सभी अवैध देसी शराब की दुकानों को बंद करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने गुरुवार को बेहरामपुर में एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा कर बीमार लोगों से मुलाकात की थी। मंत्री ने कहा था कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सभी पीड़ितों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से पीड़ितों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा था।हरिचंदन ने बताया था कि राज्य सरकार ने अवैध शराब की गतिविधियों को सहन न करने की नीति अपनाई है। अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और राज्य भर में अवैध शराब निर्माण इकाइयों और दुकानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने बेहरामपुर के आबकारी निरीक्षक रमेश चंद्र मोहंती और उप-निरीक्षक प्रसन्न कुमार ढाली को निलंबित कर दिया है। बेहरामपुर के आबकारी अधीक्षक प्रदीप पाणिग्रही का स्थानांतरण करने का आदेश दिया गया है।