उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री Om Prakash Rajbhar के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के चलते यह सख्त कदम उठाया गया है।
2019 चुनावी सभा से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र स्थित रतनपुरा बाजार में हुई एक चुनावी जनसभा से जुड़ा है। आरोप है कि उस समय सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर संबोधित करते हुए राजभर ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था और उन्हें जूता मारने जैसी धमकी दी थी।
प्राथमिकी के बाद दाखिल हुई चार्जशीट
इस मामले में उपनिरीक्षक रुद्रभान पांडेय की शिकायत पर हलधरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत में चल रही है।
कोर्ट में पेश न होने पर जारी हुआ वारंट
बताया जा रहा है कि लगातार तारीखों पर अदालत में पेश न होने के कारण न्यायालय ने सख्ती दिखाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। हालांकि अभी इस मामले में आरोप तय होना बाकी है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मंत्री अदालत में पेश होते हैं या फिर कानूनी कार्रवाई और तेज होती है।