ट्रंप से नजदीकी की कोशिश और पाकिस्तान को बड़ा झटका, US कांग्रेस की रिपोर्ट ने खोली आतंक की पूरी फाइल

अमेरिका से रिश्ते मजबूत करने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान को बड़ा अंतरराष्ट्रीय झटका लगा है। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा जारी नई रिपोर्ट में पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय आतंकी संगठनों और आतंकियों की मौजूदगी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तान के आतंकवाद पर दिए जाने वाले दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिकी कांग्रेस रिपोर्ट में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

25 मार्च को जारी अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय पाकिस्तान की जमीन पर कुल 14 आतंकी संगठन सक्रिय हैं। इनमें भारत विरोधी हिजबुल मुजाहिदीन, जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा जैसे संगठनों के अलावा वैश्विक आतंकी नेटवर्क अल कायदा, अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) भी शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट ने पाकिस्तान के उस दावे को भी चुनौती दी है जिसमें वह इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की बात करता रहा है।

ISKP के हजारों आतंकी पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सक्रिय

अमेरिकी कांग्रेस ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि अकेले इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) के 4000-6000 आतंकी इस समय पाकिस्तान और अफगानिस्तान की जमीन पर मौजूद हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अलकायदा जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के सदस्य भी पाकिस्तान की सरजमीं से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान लंबे समय से दुनिया को यह कहता रहा है कि उसने लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद पर कार्रवाई की है, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में इस समय लश्कर ए तैयबा के एक हजार से ज्यादा भारत विरोधी आतंकी मौजूद हैं, जबकि जैश ए मोहम्मद के 500 से अधिक आतंकियों को तैयार किया गया है।

1970 से आतंकियों को पनाह देने का आरोप

अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हिजबुल मुजाहिदीन के करीब 1500 आतंकी पाकिस्तान में सक्रिय हैं और उनका मुख्य उद्देश्य भारत पर हमले करना बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकियों को तैयार करता रहा है और उन्हें भारत समेत अन्य देशों में हमलों के लिए भेजता रहा है।

किश्तवाड़ एनकाउंटर का उदाहरण भी आया सामने

रिपोर्ट के संदर्भ में हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया गया। 22 फरवरी को किश्तवाड़ में भारतीय सेना ने जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकियों अतीक उर रहमान उर्फ अब्दुल मातीन उर्फ सैफुल्लाह, चौधरी मतबीर हुसैन उर्फ फरमान और अब्दुल घनी उर्फ हुरैरा को मार गिराया था। ये तीनों पाकिस्तान के नागरिक थे, लेकिन 26 फरवरी को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन्हें भारत का नागरिक बताते हुए स्वतंत्रता सेनानी करार दिया था।

बाद में सामने आए दस्तावेजों ने पाकिस्तान के दावे पर सवाल खड़े कर दिए। आतंकी सैफुल्लाह का शिनाख्ती कार्ड (CNIC) और फैमिली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से पुष्टि हुई कि वह पाकिस्तान के अबोट्टाबाद का निवासी था। उसका CNIC नंबर 13101-9237685-1 बताया गया, जो केवल पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किया जाता है।

पहलगाम हमले के आतंकियों पर भी विवाद

इसी तरह पहलगाम आतंकी हमले में शामिल बिलाल अफजल, हबीब ताहिर और हनन जफर को भारतीय सेना ने ऑपरेशन महादेव में मार गिराया था। पाकिस्तान ने इन तीनों को भी अपना नागरिक मानने से इनकार किया था, लेकिन उनके पहचान दस्तावेजों से उनके पाकिस्तानी नागरिक होने का खुलासा हुआ।

रिपोर्ट से पाकिस्तान की रणनीति पर फिर उठे सवाल

अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रामक दावे करने के आरोप मजबूत हुए हैं। रिपोर्ट को वैश्विक सुरक्षा और दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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