पटना: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। बेटे दीपक प्रकाश को नीतीश कैबिनेट में मंत्री बनवाने के बाद, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि अब कुशवाहा अपनी बहू साक्षी मिश्रा को भी कोई महत्वपूर्ण पद दिलाने की जुगत में हैं। हालांकि, इन अटकलों पर अब खुद उपेंद्र कुशवाहा ने विराम लगा दिया है और ऐसी खबरों को ‘प्लांटेड’ करार दिया है।
‘वाह भाई वाह! मजा आ गया’
उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर तंज कसते हुए लिखा, “आज एक खबर देखने/पढ़ने को मिली मीडिया में. खबरें प्लांट करवाने और करने वाले को धन्यवाद. मजा आ गया. वाह भाई वाह! चलिए, किसी बहाने खबर ने सुर्खियां तो बटोरी. ऐसी फ़ालतू खबरें भी मीडिया में चलती/बिकती है. आश्चर्य है..!”
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, इसी वर्ष संपन्न हुए बिहार चुनावों के बाद आरएलएम कोटे से जीते हुए विधायकों की जगह उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवाया था। वे वर्तमान में पंचायती राज विभाग के मंत्री हैं। इसके बाद से ही विपक्ष और सियासी जानकारों के बीच यह कयास लगाए जा रहे थे कि परिवारवाद की यह बेल आगे बढ़ेगी और उनकी बहू को भी एडजस्ट किया जाएगा।
बहू साक्षी ने क्या कहा था?
दीपक प्रकाश के शपथ ग्रहण के दौरान जब उनकी पत्नी और कुशवाहा की बहू साक्षी मिश्रा से राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया था, तो उन्होंने स्पष्ट किया था कि “अभी ऐसा कोई प्लान नहीं है.” उन्होंने पति के मंत्री बनने पर कहा था कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि सबकी सहमति से हुआ है।
पार्टी में ‘ऑल इज वेल’ नहीं?
कुशवाहा के इस स्पष्टीकरण के बीच उनकी पार्टी के अंदरूनी हालात ठीक नहीं दिख रहे हैं:
- टूट का डर: बीते कुछ दिनों में आरएलएम के कई कार्यकर्ता चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) में शामिल हुए हैं।
- नाराज विधायक: हाल ही में कुशवाहा द्वारा दी गई एक पार्टी (दावत) से उनके तीन विधायक नदारद रहे, जिसने पार्टी में संभावित बगावत की चर्चाओं को हवा दे दी है।