उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कई जिलों में जनहानि, पशुहानि, मकानों के गिरने और फसलों के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इस आपदा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल बताए जा रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए Yogi Adityanath ने अधिकारियों को तत्काल राहत और मुआवजा कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
19 जिलों में भारी तबाही
सरकारी जानकारी के मुताबिक बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत 19 जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखा गया है।
कई इलाकों में कच्चे मकान गिर गए, पेड़ उखड़ गए और किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
CM योगी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस रिलीज जारी कर जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को हर तीन घंटे में स्थिति की रिपोर्ट देने के लिए भी कहा गया है।
कितना मिलेगा मुआवजा?
भारत में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मुआवजे का प्रावधान राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के नियमों के तहत किया जाता है।
मौजूदा केंद्रीय मानकों के अनुसार:
- आपदा में मौत होने पर परिवार को ₹4 लाख तक की सहायता राशि दी जा सकती है
- पशुहानि, मकान क्षति और फसल नुकसान के लिए अलग-अलग श्रेणियों में मुआवजा तय होता है
- राज्य सरकार जरूरत के अनुसार राहत राशि बढ़ा भी सकती है
हालांकि यूपी सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस आपदा में पीड़ितों को अंतिम रूप से कितनी सहायता राशि दी जाएगी।
फसल और मकान नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा जारी किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी देनी होगी अपडेट
सीएम योगी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य, मुआवजा वितरण और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर नियमित रूप से साझा की जाए, ताकि लोगों को सही अपडेट मिल सके।