लखनऊ – उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही 18 जुलाई 2025 से पंचायत चुनाव की तैयारियां औपचारिक रूप से आरंभ हो जाएंगी। आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 जनवरी 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद मार्च 2026 में पंचायत चुनाव का आयोजन प्रस्तावित है।
तबादलों पर रोक, पारदर्शिता पर जोर
चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए फिलहाल अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में तैनात OSD और IAS अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनावों के मद्देनज़र प्रशासनिक स्थिरता अत्यंत आवश्यक है।
मतदाता सूची संशोधन का कार्य जारी
पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची में संशोधन का कार्य पहले ही जून 2025 से शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया में मृत मतदाताओं के नाम हटाने और नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी प्रारंभ हो चुकी है।
512 ग्राम पंचायतें घटीं, अब 57,694 पंचायतों में होगा चुनाव
पंचायती राज विभाग द्वारा हाल ही में कराए गए परिसीमन और पुनर्गठन के तहत प्रदेश में 512 ग्राम पंचायतों को घटा दिया गया है। अब राज्य भर में कुल 57,694 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। नए परिसीमन में सबसे अधिक ग्राम पंचायतें तीन जिलों – चित्रकूट, आजमगढ़ और देवरिया – में कम हुई हैं।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले ‘सेमीफाइनल’
इन पंचायत चुनावों को 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए ‘सेमीफाइनल’ के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में होने वाले इन त्रिस्तरीय चुनावों के तहत 57,694 ग्राम पंचायतों, 826 क्षेत्र पंचायतों (ब्लॉकों) और 75 जिला पंचायतों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों का चयन होगा।
राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी दल इन चुनावों को गंभीरता से लेने लगे हैं। आगामी दिनों में नामांकन, प्रचार और रणनीतियों को लेकर भी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।