गाजीपुर में अपनी पार्टी ‘जनता पार्टी’ के कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“दोनों एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। दोनों गुंडाराज जंगलराज के पोषक हैं।”
मौर्य के इस बयान से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
योगी सरकार पर निशाना
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी सरकार में सबसे ज्यादा नुकसान नौजवानों की नौकरियों का हुआ है। सरकारी भर्तियां लगभग बंद हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार गांव के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है और गुजरात मॉडल पर यूपी के कई सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में देने की तैयारी है।
पीएम मोदी पर तंज
प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए मौर्य ने कहा—
“जो कभी चाय बेचता था, वह आज देश बेचने पर उतारू हो गया है। बंदरगाह, एयरपोर्ट, एयर इंडिया, रेलवे स्टेशन, ट्रेनें और एलआईसी जैसी बड़ी संस्थाएं अडानी-अंबानी जैसे कुछ उद्योगपतियों को कौड़ियों के भाव बेची जा रही हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उछालती रहती है।
बीजेपी पर जंगलराज का आरोप
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध चरम पर है। रोजाना SC, ST और OBC वर्ग के लोगों की हत्याएं हो रही हैं, महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं और अपराधियों को बचाने में ही सरकार जुटी रहती है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि गाजीपुर में थाने के अंदर एक बीजेपी कार्यकर्ता की पिटाई से मौत हो गई, जो जंगलराज की जिंदा मिसाल है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान
मौर्य ने दावा किया कि 2027 का चुनाव बीजेपी सरकार की विदाई का चुनाव होगा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग ही जब हिंसा और लाठीचार्ज का शिकार हो रहे हैं, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
अखिलेश यादव पर हमला
अखिलेश यादव के बयान “बीजेपी जाए तो न्याय मिले” पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा—
“समाजवादी पार्टी की सरकार में भी जमीन कब्जे, लूटपाट और हिंसा होती थी। आज बीजेपी सरकार में भी वही हाल है। इसलिए अखिलेश और बीजेपी दोनों में कोई फर्क नहीं है।”
हिंदू पलायन का मुद्दा
मौर्य ने हिंदू पलायन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि—
“जब 1100 साल तक मुस्लिम शासक रहे, तब हिंदू खतरे में नहीं थे। आज जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री खुद को हिंदू धर्म का ठेकेदार बताते हैं, तो हिंदू पलायन कैसे हो रहा है? यह उनकी नाकामी है।”
मौर्य के इन बयानों से साफ है कि यूपी की राजनीति में आने वाले दिनों में बीजेपी और सपा दोनों को चुनौती देने के लिए उनकी पार्टी आक्रामक रुख अपनाने वाली है।