उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 के तहत MBBS और BDS में दाखिले के लिए चल रही दूसरे राउंड की काउंसलिंग को रद्द कर दिया गया है। यह काउंसलिंग 14 सितंबर से 17 सितंबर तक आयोजित होनी थी। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से 17 सितंबर की शाम इस संबंध में सूचना जारी की गई। काउंसलिंग रद्द किए जाने के फैसले के बाद भीम आर्मी चीफ और सांसद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के बाद बदली काउंसलिंग प्रक्रिया
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था पर 16 सितंबर को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद MBBS और BDS की प्रथम चरण की काउंसलिंग रद्द कर नए सिरे से शुरू की गई है. पहले सीट पा चुके अभ्यर्थियों को भी दोबारा विकल्प भरकर सीट लॉक करनी होगी.
उनके मुताबिक, हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के बाद इन मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में पहले सीट प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को भी दोबारा विकल्प भरने और अपनी सीट लॉक करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से की यह मांग
चंद्रशेखर आजाद ने आगे बताया, “1 सितंबर को इन चारों मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्व की सीट व्यवस्था जारी रखने का उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय विद्यार्थियों के संघर्ष और एकजुटता का परिणाम था. हम पिछले वर्ष से लगातार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते रहे हैं. इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में Special Component Plan के तहत प्राप्त धनराशि और SC/ST विद्यार्थियों के लिए निर्धारित विशेष व्यवस्था का उल्लेख स्वयं सरकारी पक्ष ने पूर्व की न्यायिक कार्यवाही में किया था.
आजाद ने कहा, “अब यूपी सरकार को तत्काल अध्यादेश लाकर इन चारों मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देना चाहिए. केवल शासनादेश के भरोसे इस व्यवस्था को नहीं छोड़ा जा सकता. विद्यार्थियों के भविष्य और उनके शैक्षणिक अधिकारों को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए. अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी विद्यार्थियों को मेरा पूरा समर्थन है.”
छात्रों ने फीस जमा कर सीट के लिए किया था आवेदन
काउंसलिंग रद्द होने की सूचना चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से 17 सितंबर की शाम जारी की गई। इससे पहले छात्र खाली सीटों के लिए आवेदन करने के साथ फीस भी जमा कर चुके थे। हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित करने का फैसला लिया गया।
हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को अपने आदेश में प्रदेश के चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लागू 73 फीसदी आरक्षण व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इन कॉलेजों में कन्नौज, अंबेडकरनगर, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। अब इन संस्थानों में सीट व्यवस्था से जुड़े न्यायिक आदेश के बीच NEET UG 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।