मोदी सरकार का बड़ा Review Plan! 23-24 सितंबर को चिंतन बैठक, मंत्रियों से मांगा जाएगा योजनाओं का पूरा हिसाब

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का मध्य चरण चल रहा है और इसी बीच सरकार कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो दिवसीय चिंतन बैठक आयोजित करने जा रही है। यह बैठक 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में होगी। बैठक को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सभी मंत्रियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसमें सरकार के कामकाज, सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

मंत्रियों से योजनाओं की प्रगति और कामकाज का लिया जाएगा फीडबैक

दो दिन चलने वाली इस चिंतन बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद रहेंगे। इस दौरान अलग-अलग मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के साथ सरकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होगी। योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर फीडबैक लिया जाएगा और यह देखा जाएगा कि सरकार की ओर से लिए गए फैसलों का वास्तविक असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है।

बैठक में मंत्रियों से यह भी जानकारी ली जाएगी कि उनके मंत्रालयों ने कौन-कौन से नए इनिशिएटिव शुरू किए हैं और इनसे आम लोगों की जिंदगी कितनी आसान हुई है। साथ ही इस बात पर भी चर्चा होगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहले की तुलना में कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है।

Delivery System से लेकर सुधार की जरूरत तक पर होगा मंथन

चिंतन बैठक में यह भी समीक्षा की जाएगी कि किस मंत्रालय ने अपने डिलीवरी सिस्टम में कितना सुधार किया है और किन क्षेत्रों में अभी और बदलाव की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर विभिन्न विषयों पर चर्चा कराई जाएगी।

जानकारों के मुताबिक, इससे पहले प्रधानमंत्री सचिवों के साथ बैठक कर चुके हैं। इसके बाद राज्यमंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन और उसी दौरान मंत्रीपरिषद की बैठक में सरकार के कामों की समीक्षा की गई। अब कैबिनेट मंत्रियों के साथ दो दिन की चिंतन बैठक होने जा रही है। लगातार हो रही इन समीक्षा बैठकों को सरकार के कामकाज का मध्यावधि आकलन करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।

योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने पर जोर

सरकार लगातार समीक्षा के मोड में है। योजनाओं का इंप्लीमेंटेशन बेहतर कैसे हो और उनका लाभ सीधे जनता तक कैसे पहुंचे, इस पर प्रधानमंत्री का फोकस रहता है। प्रधानमंत्री की ओर से ईज़ ऑफ लिविंग को महत्वपूर्ण बताया जाता रहा है।

सरकार का जोर ऐसे नियम और व्यवस्थाएं तैयार करने पर भी है, जिनके जरिए आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसी दिशा में पुराने नियमों में बदलाव किए जाने की प्रक्रिया भी जारी है। बीच-बीच में होने वाली समीक्षा बैठकों के जरिए प्रधानमंत्री योजनाओं और सरकारी कामकाज का फीडबैक भी लेते हैं।

21-22 सितंबर को भी होगी मंत्रियों के समूह की बैठक

कैबिनेट मंत्रियों की चिंतन बैठक से पहले 21 और 22 सितंबर को दिल्ली में करीब डेढ़ दर्जन मंत्रियों के समूह की बैठक भी होने जा रही है। इसमें कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री दोनों शामिल होंगे। इसके बाद 23-24 सितंबर को सेवा तीर्थ में होने वाली दो दिवसीय चिंतन बैठक में कैबिनेट मंत्रियों के साथ सरकार के कामकाज और योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

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