उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को समझने के लिए यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के तहत जापानी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को वीमेन पावर लाइन 1090 का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित सहायता, काउंसलिंग, जागरूकता और सहायता तंत्र से जोड़ने की प्रक्रिया को करीब से समझा।
दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें स्कूल स्तर से सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने, बच्चों को कम उम्र से सुरक्षा संबंधी जानकारी देने और महिलाओं में आत्मविश्वास एवं सुरक्षा की भावना मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहे।
Call Receive करने से Counselling तक समझी 1090 की कार्यप्रणाली
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने वीमेन पावर लाइन 1090 की पूरी कार्यप्रणाली को समझने में विशेष रुचि दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि किसी महिला की ओर से सहायता के लिए संपर्क किए जाने के बाद सबसे पहले उसकी समस्या को ध्यानपूर्वक समझा जाता है। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग और संबंधित सहायता तंत्र से जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि कई बार महिलाएं डर, तनाव या झिझक के कारण अपनी परेशानी खुलकर नहीं बता पातीं। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित कर्मियों की संवेदनशील भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। वे महिलाओं की बात ध्यान से सुनकर उनकी चिंताओं को समझते हैं और उन्हें उचित सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
महिला सुरक्षा में Emotional Support पर जोर
दौरे के दौरान काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग को भी महिला सहायता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। अधिकारियों ने समझाया कि मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं के लिए केवल शिकायत दर्ज कराना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सहज माहौल में अपनी बात रखने का अवसर मिलना भी जरूरी है।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रक्रिया को समझते हुए यह जानकारी ली कि 1090 किस तरह शिकायत करने वाली महिलाओं को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता प्रणाली से जोड़ने का काम करती है।
School Level पर बचपन से Safety Awareness की जरूरत
बैठक में महिला सुरक्षा को केवल घटना के बाद शिकायत निवारण तक सीमित रखने के बजाय Preventive Awareness पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने स्कूलों में बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षा, उनके अधिकारों और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के तरीकों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता पर विचार साझा किए।
बच्चों में पांच वर्ष की उम्र के बाद सुरक्षा संबंधी समझ विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। इसमें बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, भरोसेमंद लोगों से संवाद करने और किसी कठिन परिस्थिति में मदद मांगने के बारे में सहज तरीके से जानकारी देने पर विचार किया गया।
Japan और UP ने साझा किए अपने अनुभव
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने जापान में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर संचालित कार्यक्रमों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वहीं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी।
दोनों पक्षों ने माना कि जापान और उत्तर प्रदेश की सामाजिक एवं संस्थागत परिस्थितियां अलग-अलग हैं। इसलिए किसी भी व्यवस्था या मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समझना और लागू करना जरूरी है। इसके बावजूद महिला सुरक्षा, काउंसलिंग, बच्चों में जागरूकता और प्रभावी संवाद जैसे क्षेत्रों में अनुभवों का आदान-प्रदान उपयोगी साबित हो सकता है।
Women Safety से Empowerment तक की सोच
चर्चा के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि महिला सुरक्षा का उद्देश्य सिर्फ किसी घटना के बाद सहायता उपलब्ध कराना नहीं होना चाहिए। इसके साथ महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षित होने की भावना पैदा करना भी जरूरी है।
जब महिलाओं को यह भरोसा होता है कि कठिन परिस्थिति में उन्हें समय पर मदद मिल सकती है, तो वे अपनी समस्याओं को सामने रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में अधिक सहज महसूस कर सकती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भी माना कि सुरक्षा, जागरूकता, काउंसलिंग और सहायता सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई व्यवस्थाएं हैं।
UP-Japan Cooperation से खुलेंगी नई संभावनाएं
यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के तहत हुआ यह दौरा महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के सामाजिक पहलू पर दोनों पक्षों के बीच संवाद बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिला सहायता सेवाओं, काउंसलिंग, बच्चों की सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में अनुभवों का आदान-प्रदान भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने 1090 का दौरा कर उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विकसित संस्थागत व्यवस्था को करीब से समझा। वहीं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को जापान में महिला सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी कार्यप्रणालियों के बारे में जानने का अवसर मिला।