गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य में इस सेक्टर में 13.66 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश आया है। भारत सरकार द्वारा मंजूर किए गए कुल 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट में से 6 गुजरात में स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार इसे मुख्यमंत्री के पांच साल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल कर रही है।
साणंद और धोलेरा अब गुजरात के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे हैं। साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की DRAM और NAND मेमोरी चिप्स के लिए अत्याधुनिक ATMP सुविधा व्यावसायिक रूप से संचालित हो रही है। इसके अलावा सीजी पावर, रेनेसां, स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और केन्स सेमीकॉन की असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग सुविधाएं भी विकसित हो चुकी हैं।
धोलेरा में बन रही भारत की पहली Commercial Semiconductor Fab
धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब तैयार कर रही है। इस फैब में 110 से 28 नैनोमीटर प्रोसेस नोड्स पर CMOS लॉजिक चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। वहीं क्रिस्टल मैट्रिक्स मिनी और माइक्रो एलईडी डिस्प्ले की फैब्रिकेशन और पैकेजिंग यूनिट विकसित कर रही है।
सूरत में सुचि सेमीकॉन भी अपनी OSAT सुविधा के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन परियोजनाओं के साथ गुजरात में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, टेस्टिंग और रिसर्च से जुड़ा व्यापक इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।
Semiconductor कंपनियों को मिल रही बड़ी Incentive
राज्य सरकार के अनुसार, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। यहां जमीन, बिजली, पानी और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ बंदरगाह, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है।
कंपनियों को केंद्र सरकार की कैपेक्स सहायता के अतिरिक्त 40 फीसदी अतिरिक्त पूंजी निवेश सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फैब प्रोजेक्ट की शुरुआती 200 एकड़ जमीन पर 75 फीसदी सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की 100 फीसदी प्रतिपूर्ति तथा 10 साल तक प्रति यूनिट 2 रुपये की पावर टैरिफ सब्सिडी भी दी जा रही है।
Skill Development और Research पर भी जोर
गुजरात सरकार सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी में माइक्रोन के सहयोग से ATMP प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है।
गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में ChipIN एक्सटेंशन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से छात्रों को VLSI और चिप डिजाइन का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके साथ ही धोलेरा ITI में अल्ट्रा हाई प्योरिटी वेल्डिंग प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
आईआईटी-गांधीनगर में उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए समर्थ केंद्र भी स्थापित किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि इन पहलों के जरिए गुजरात देश की सेमीकंडक्टर क्षमता को बढ़ाने और इस क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत करने में अहम योगदान दे रहा है।