उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी अपने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का विस्तार करने की तैयारी में जुटी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की मुलाकात के बाद नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि एनडीए में जो भी साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है। उनके बयान को चुनाव से पहले गठबंधन के विस्तार की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
NDA में नए दलों की एंट्री पर क्या बोले संजय निषाद?
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने एनडीए में और पार्टियों के शामिल होने के सवाल पर कहा कि गठबंधन में आने के इच्छुक दलों का स्वागत है। इसके साथ ही उन्होंने सीटों के बंटवारे को लेकर भी अपनी बात रखी। संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी ने बीजेपी से उन सीटों की मांग की है, जहां पिछले चुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। अब देखना होगा कि पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं।
संजय निषाद ने यह भी बताया कि दिल्ली में उनका सम्मेलन होने वाला है। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के निषाद समाज को अनुसूचित जाति (SC) का आरक्षण देने की मांग उठाई जाएगी। ऐसे में चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीति के साथ-साथ आरक्षण का मुद्दा भी चर्चा में रहने की संभावना है।
मोहन भागवत के बयान का संजय निषाद ने किया समर्थन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘प्रदर्शन का अधिकार है अराजकता का नहीं’ वाले बयान का संजय निषाद ने समर्थन किया। उन्होंने कहा, देश में प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन अराजकता का नहीं. जनता ने जिसको चुनना था चुन लिया है, जिसको बाहर करना था कर दिया है.”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए संजय निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है और जनता सर्वोपरि है। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि वे जनता के बीच नहीं जाते और जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है।
पंकज चौधरी और राजा भैया की मुलाकात से क्यों बढ़ी सियासी हलचल?
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में राजा भैया के आवास ‘रामायण’ पर उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात को विधान परिषद (MLC) चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित सहयोग के नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, राजा भैया ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया था।
इसके बावजूद, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हैं। यदि जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) और बीजेपी के बीच भविष्य में कोई राजनीतिक समझ बनती है, तो इसका असर प्रदेश के चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल गठबंधन को लेकर किसी औपचारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।
UP में BJP के NDA गठबंधन में कौन-कौन सी पार्टियां शामिल हैं?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के साथ राष्ट्रीय लोक दल (RLD), ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), संजय निषाद की निषाद पार्टी और अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) गठबंधन में शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले यदि एनडीए में कोई नया दल शामिल होता है, तो सीटों के बंटवारे और सहयोगी दलों की राजनीतिक भूमिका पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बीजेपी के सामने गठबंधन का विस्तार करने के साथ-साथ मौजूदा सहयोगियों की सीटों से जुड़ी मांगों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी रहेगी।