उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने अपने संगठन के विस्तार की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में पूर्व आईएएस डॉ. राकेश वर्मा और साउथ अभिनेत्री जारा खान ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। दोनों को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी में पार्टी में शामिल कराया गया।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व आईएएस डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि उनकी राहुल गांधी से मुलाकात भी हुई थी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनसे काफी प्रभावित हैं। राकेश वर्मा ने मौजूदा व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी अपनी राय रखी।
पूर्व IAS राकेश वर्मा ने शिक्षा और प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. राकेश वर्मा ने कहा कि मौजूदा दौर में अधिकारी अपने काम पर ध्यान देने के बजाय रील बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने देश के भविष्य के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि अगर देश को बचाना है तो शिक्षा के क्षेत्र में गंभीरता से काम करना होगा। नोएडा के डीएम और मजदूर से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए राकेश वर्मा ने कहा कि डीएम की जिम्मेदारी मजदूर से बातचीत करने की है, न कि पुलिस को आगे करने की। उन्होंने ऐसी सरकार की जरूरत बताई जो देश के आम लोगों के मुद्दों और उनकी जरूरतों पर ध्यान दे।
अजय राय ने राकेश वर्मा और जारा खान का किया स्वागत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी में शामिल हुए दोनों नए सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव का लाभ कांग्रेस संगठन को मिलेगा। अजय राय ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने तथा आम जनता से लगातार जुड़ने की अपील की।
इस मौके पर अजय राय ने बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
2027 चुनाव से पहले Congress लगातार बढ़ा रही संगठन का दायरा
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी की ओर से लगातार अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों को संगठन के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन थामा है।
यूपी प्रभारी और एससी-एसटी मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम के नेतृत्व में भी संगठन के विस्तार का अभियान जारी है। कांग्रेस को उम्मीद है कि नए लोगों के पार्टी से जुड़ने और संगठन के विस्तार से 2027 के विधानसभा चुनाव में उसे राजनीतिक फायदा मिल सकता है।
वहीं, गठबंधन को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच पहले दिखाई दे रही बयानबाजी में भी अब कमी आई है। ऐसे में पार्टी का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर नजर आ रहा है।