
2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारी दिखने लगी है। अगले साल अप्रैल से मई के बीच चुनाव कराए जा सकते हैं। उससे पहले भाजपा ने यूपी के सांसदों की संख्या बढ़ाने पर काम करना शुरू कर दिया है।
80 सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा ने यूपी के कई जिलाध्यक्षों को बदल दिया है। भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में अपने लगभग एक-चौथाई सांसदों को भी हटाने पर विचार कर रही है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो हटाए गए लोगों में कुछ केंद्रीय मंत्री भी शामिल हो सकते हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर बदलाव पश्चिम और पूर्वी यूपी में हो सकते हैं। ऐसे सांसदों और मंत्रियों का संगठन रिपोर्ट कार्ड तैयार करवा रही है जिनसे लोग खुश नहीं हैं। इनमें मंत्री तक की सीट खतरे में नजर आ रही है। पार्टी सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार में यूपी के एक मंत्री, सांसदों से संगठन के बड़े नेता नाराज चल रहे हैं। इसके अलावा उनकी जनता की तरफ से भी कई शिकायतें संगठन के पास पहुंची हैं। अगर चुनाव तक उनका रवैया नहीं बदला तो टिकट कटना तय माना जा रहा है।
योगी सरकार में मंत्री और विधायकों को भी मिल सकता है टिकट
2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष के हाई प्रोफाइल नेताओं को हराने वाले कई सांसदों को भी इस बार अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में जाकर लोगों से संपर्क करने और स्थानीय संगठन के नेताओं से बेहतर समन्वय बनाने होंगे। इससे पार्टी का संदेश बिल्कुल साफ है कि अगर उनके रिपोर्ट कार्ड में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी उनका टिकट काटने में कतई संकोच नहीं करेगी। सांसदों के अलावा मंत्री के टिकट पर भी तलवार लटक रही है। पार्टी सूत्रों की मानें तो चुनाव जीतने के बाद कुछ ऐसे नेताओं को भी इस बार टिकट दिया जा सकता है तो प्रदेश में विधायक, कुछ योगी सरकार में मंत्री या फिर पहले मंत्री रह चुके हैं। यूपी की कई सीटों पर पार्टी अपने वर्तमान सांसदों का टिकट काटकर इन्हें चुनावी मैदान में उतार सकती है।