अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर इस समय चल रहे एक्सपीडिशन 73 और एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्षयात्री मस्तिष्क और अन्य वैज्ञानिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण शोध कर रहे हैं। इस शोध में नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के अंतरिक्षयात्री शामिल हैं, जो विशेष उपकरणों और तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
मस्तिष्क पर शोध: रक्त प्रवाह और दृष्टि
नासा की फ्लाइट इंजीनियर निकोल एयर्स ने बुधवार को कोलंबस प्रयोगशाला में मस्तिष्क पर शोध करते हुए, गर्दन और छाती पर इलेक्ट्रोड लगाए। इस प्रयोग का उद्देश्य हृदय से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह में उतार-चढ़ाव का माप करना था। इसके साथ ही, एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्षयात्री टिबोर कापू ने एक विशेष कैप पहनकर डापलर अल्ट्रासाउंड तकनीक का इस्तेमाल किया, ताकि मस्तिष्क की धमनी में रक्त प्रवाह का चित्रण किया जा सके।
मस्तिष्क-कम्प्यूटर इंटरफेस पर परीक्षण
एक्सिओम-4 मिशन के सदस्य शुभांशु शुक्ला और स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्नीवस्की ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) द्वारा विकसित विशेष हेडसेट का उपयोग करके मस्तिष्क-कम्प्यूटर इंटरफेस का परीक्षण किया। यह परीक्षण अंतरिक्ष में मानसिक स्वास्थ्य और अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक अवस्था को समझने के लिए किया गया था। इसके अलावा, इस जोड़ी ने अंतरिक्षयात्रियों की गतिविधियों का वीडियो भी रिकॉर्ड किया और उसे डाउनलिंक किया।
आंखों की सुरक्षा के लिए प्रयोग
नासा की फ्लाइट इंजीनियर एयर्स, जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) के कमांडर ताकुया ओनिशी और नासा की फ्लाइट इंजीनियर ऐनी मैकक्लेन के साथ मिलकर उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले नियर इंफ्रारेड चिकित्सा इमेजिंग हार्डवेयर का उपयोग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी के कारण आंखों की दृष्टि पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना है। शोधकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या विटामिन बी की खुराक आंखों की रक्षा कर सकती है और इसके उपयोग की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
इस शोध का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और लंबे अंतरिक्ष मिशनों के दौरान उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को समझना है।