मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रॉयटर्स-इप्सोस पोल के अनुसार उनकी अप्रूवल रेटिंग घटकर 36% रह गई है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों में उछाल को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है।
युद्ध और महंगाई से जनता में बढ़ा असंतोष
चार दिनों तक चले इस सर्वे में सामने आया कि केवल 36% अमेरिकी नागरिक ही ट्रंप के कामकाज से संतुष्ट हैं, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा 40% था। युद्ध के बाद गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई, जिसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक स्थिति पर पड़ा है।
सर्वे के मुताबिक आर्थिक प्रबंधन को लेकर ट्रंप की स्वीकृति दर केवल 29% रह गई है, जो उनके दोनों कार्यकालों में सबसे कम है और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की आर्थिक रेटिंग से भी नीचे बताई जा रही है।
सर्वे में सामने आया जनता का विरोध
पोल के विश्लेषण में विशेषज्ञों ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति को जनता के बढ़ते विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रिपब्लिकन पार्टी की पॉलिटिकल स्ट्रेटेजिस्ट और वकील अमांडा मक्की ने कहा कि लोगों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि राष्ट्रपति उनकी परेशानियों को समझते हैं और राहत जल्द पहुंचेगी।
पार्टी में मजबूत पकड़, लेकिन आम जनता में नाराजगी
हालांकि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ट्रंप की स्थिति अब भी मजबूत बनी हुई है और पार्टी के ज्यादातर समर्थक उनके फैसलों के साथ खड़े हैं। फिर भी रोजमर्रा के मुद्दों पर उनके फैसलों को लेकर असंतोष बढ़ा है और नापसंदगी का आंकड़ा 27% से बढ़कर 34% तक पहुंच गया है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि 35% अमेरिकी नागरिक ईरान पर अमेरिकी हमले का समर्थन करते हैं, जबकि 61% लोगों ने इसका विरोध किया। पिछले सप्ताह समर्थन का आंकड़ा 37% था, जिससे साफ है कि युद्ध को लेकर समर्थन धीरे-धीरे घट रहा है।
लंबा युद्ध अमेरिका को असुरक्षित बना सकता है: जनता की राय
नए पोल में 46% लोगों ने माना कि अगर ईरान के साथ युद्ध लंबा चलता है तो अमेरिका की सुरक्षा कमजोर हो सकती है। वहीं 26% लोगों का मानना है कि इससे देश अधिक सुरक्षित होगा।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 63% अमेरिकी नागरिक अर्थव्यवस्था को कमजोर मान रहे हैं, जिनमें 40% रिपब्लिकन, 66% निर्दलीय और 84% डेमोक्रेट समर्थक शामिल हैं।
इस बीच ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, जबकि ईरान ने इस दावे को गलत बताया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में अतिरिक्त सैनिक तैनात करने की तैयारी कर रहा है।