तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की सबसे बड़ी जीत, अमेरिका के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे : आनंद परांजपे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफल अमेरिकी यात्रा के दौरान 26/11 हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण, लड़ाकू विमान एफ-35 खरीदने एवं बांग्लादेश समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) प्रवक्ता आनंद परांजपे ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को भारत सरकार की सबसे बड़ी जीत बताया।

मुंबई के 26/11 हमले के मुख्य आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण फैसले पर एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने कहा, “भारत सरकार के लिए यह बहुत बड़ी सफलता है। 26/11 हमले का मुख्य आरोपी भारत वापस लाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह एनडीए सरकार की बहुत बड़ी जीत है। ट्रंप और मोदी दोनों नेताओं ने विश्व शांति की भी अपील की है। खास बात यह रही कि डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद से बेहतर नेगोशिएटर बताया है। ट्रंप ने भारत की सफलता को पूरे विश्व के सामने स्वीकार किया है।”

एफ-35 फाइटर प्लेन खरीदने के समझौते पर आनंद परांजपे ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच रक्षा के क्षेत्र में जो समझौते किए गए हैं, उससे भारत को भविष्य में बहुत फायदा होगा। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे। कई और क्षेत्रों में दोनों देश साझा निवेश करेंगे।”

रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हम युद्ध के विषय को लेकर न्यूट्रल नहीं हैं, हमारी भूमिका शांति की है। खास तौर पर प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्होंने भी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रोकने की पहल की थी। अब यही बात उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी कही कि अमेरिका को भी इस पर पहल करनी चाहिए।”

चीन के मुद्दे पर परांजपे ने कहा, “मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच कई अन्य क्षेत्रों में रिश्ते बेहतर होंगे। इसका फायदा भारत को होगा।”

अवैध रूप से रह रहे नागरिकों पर कार्रवाई करने को लेकर पीएम मोदी के बयान पर उन्होंने कहा, “अगर देश में कोई अवैध रूप से रह रहा है, चाहे वह पाकिस्तान या बांग्लादेश का हो, उसे उसके देश में डिपोर्ट किया जाना चाहिए। यही हमारी भूमिका रही है।”

बांग्लादेश के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अकेले छूट दिए जाने पर एनसीपी प्रवक्ता ने कहा, “पूर्व के देशों में भारत अमेरिका का सबसे करीबी दोस्त है। बड़ा लोकतंत्र है, इसीलिए अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस प्रकार का बयान दिया है। यह भारत की नीति को और ताकत देता है। बांग्लादेश में शांति बनी रहे इसके लिए भारत को पहल करनी होगी।

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