स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए हैं, गोली मार देनी चाहिए, अयोध्या के संत राजू दास के बिगड़े बोल

पने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अयोध्या के हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने एक बार फिर सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। स्वामी रामभद्राचार्य को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य के ट्वीट के जवाब में राजू दास ने सपा नेता पर हमला किया है।

राजू दास ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए हैं। हाथी जब पागल हो जाता है तो उसे गोली मार दी जाती है। कहा कि स्वामी प्रसाद की जगह अब सलाखों के पीछे है या परमात्मा के पास है। इससे पहले भी जब स्वामी प्रसाद पर जूते फेंके गए थे तो राजू दास ने इसी तरह से अशोभनीय टिप्पणी अखिलेश यादव के लिए भी की थी। कहा था कि स्वामी प्रसाद पर जूते फेंके गए हैं। अभी अखिलेश यादव को जूतों से पीटा जाएगा। राजू पाल का कहना है कि स्वामी प्रसाद से इस तरह की बयानबाजी अखिलेश यादव ही दिला रहे हैं।

राजू दास के स्वामी प्रसाद पर भड़कने का कारण रामभद्राचार्य को लेकर ट्वीट है। स्वामी प्रसाद ने रामभद्राचार्य का एक वीडियो ट्वीट करते हुए उन पर निशाना साधा है। इस वीडियो में रामभद्राचार्य संसद और विधानसभा में प्रस्ताव लाकर जाति के आधार पर मिल रहे आरक्षण को खत्म करने की बातें कह रहे हैं। इसी को लेकर स्वामी प्रसाद ने लिखा कि आखिर चित्रकूट वाले बाबा के मुंह से सच आ ही गया। क्या कह रहे हैं जरा ध्यान से सुनिए। बाबा के अल्पज्ञान पर तरस आता है। शायद उनको नहीं पता आरक्षित वर्ग के नौजवानों की मेरिट सामान्य वर्ग की मेरिट से ऊंची जा रही है।

रामभद्राचार्य के लिए अल्पज्ञान जैसे शब्द के इस्तेमाल पर ही राजू दास भड़क गए हैं। न्यूज 18 से बातचीत करते हुए राजू दास ने कहा कि मुझे लगता है कि स्वामी प्रसाद मौर्य पागल हो गए हैं। पागल की सिर्फ एक ही दवा है। हाथी जब पागल हो जाता है तो उसे गोली मार दी जाती है। या फिर पागल खाने में बंद कर दिया जाता है।

राजू दास ने कहा कि किसी ने एक दिन कुछ कह दिया तो समझ आता है। किसी के मुंह से भी कभी-कभी कुछ निकल जाता है। लेकिन स्वामी प्रसाद रोज टारगेट करके सनातन के खिलाफ कुछ भी बोल रहे हैं। कभी कहते हैं कि हिन्दू मतलब कुछ नहीं होता है। कभी साधु संत मतलब आतंकवादी कहते हैं।

राजू दास ने कहा कि राजनेता तो कुछ करेंगे नहीं, मैं सुप्रीम कोर्ट से अपील करता हूं कि स्वामी प्रसाद के बयानों पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए। इनके बोलने पर रोक लगाई जाए। इनको सलाखों के पीछे डाला जाए। स्वामी प्रसाद ने समाज में इतना विद्वेष घोल दिया है कि ऐसे लोगों की जगह या तो सलाखों के पीछे है या परमात्मा के पास है। हर व्यक्ति जानता है कि रामभद्राचार्य जी जन्मजात नेत्रहीन हैं। स्वामी प्रसाद के नेत्र खुले हुए हैं, तब इतने जहर घोल रहे हैं। रामभद्राचार्य को तमाम वेद, लाखों ऋचाएं, शास्त्र, उपनिषद याद हैं। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ अपशब्द कहना दुर्भाग्य है।

राजू दास ने इसी बहाने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला किया। राजू दास ने कहा कि यह पूरा प्रोपेगेंडा अखिलेश यादव का फैलाया हुआ है। स्वामी प्रसाद से अखिलेश ही यह सब करा रहे हैं। अखिलेश की जमीन खिसक चुकी है। स्वामी प्रसाद को आगे करके वह अपनी जमीन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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