New Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की बिक्री और जलाने की अनुमति दे दी है, हालांकि इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई (CJI BR Gavai) ने कहा कि यह फैसला त्योहार की भावना और प्रदूषण नियंत्रण — दोनों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
70 प्रतिशत हरियाणा क्षेत्र प्रभावित, अब मिलेगी राहत
कोर्ट ने कहा कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में आते हैं, यानी राज्य का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पटाखों पर बैन की वजह से प्रभावित था। अब इन इलाकों में ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। कोर्ट ने यह भी माना कि 2018 में पटाखों पर बैन के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
कौन बेच सकेगा ग्रीन पटाखे?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं उत्पादकों को ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति होगी जिनके पास नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से लाइसेंस प्राप्त है।
कोर्ट ने कहा कि QR कोड वाले प्रमाणित पटाखे ही बेचे जाएं और गलत या प्रतिबंधित पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कब और कितनी देर तक जलाए जा सकेंगे पटाखे?
कोर्ट ने आदेश दिया है कि दीपावली से एक दिन पहले और दीपावली के दिन —
- सुबह 6 से 7 बजे तक, और
- शाम 8 से 10 बजे तक
ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी।
साथ ही कोर्ट ने पेट्रोलिंग टीमों को निगरानी बढ़ाने और बेचे जा रहे पटाखों के सैंपल की जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई प्रतिबंधित सामग्री बाजार में न पहुंचे।
कोर्ट ने कहा — संतुलन जरूरी है
सीजेआई गवई ने कहा कि ग्रीन पटाखों के अलावा अन्य पटाखों की तस्करी चिंता का विषय है। इसलिए, अदालत को संतुलित रवैया अपनाना होगा, जिससे उत्सव की भावना बनी रहे और पर्यावरण पर नियंत्रण भी बना रहे।