सपा सांसद ने भगवान राम को बताया समाजवादी विचारधारा वाला महापुरुष, BSP की रैली पर भी साधा निशाना

UP News: दीपावली से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक बयान देकर राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि भगवान राम, राजा हरिश्चंद्र और गौतम बुद्ध समाजवादी विचारधारा को मानने वाले महापुरुष थे, जिनका उद्देश्य हमेशा पीड़ित, शोषित और वंचित वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा करना था।

“भगवान राम के वनवासी रूप को समाजवादी मानते हैं” — वीरेंद्र सिंह

एबीपी न्यूज से बातचीत में सपा सांसद ने कहा,

“भगवान राम का एक व्यक्तित्व वनवासी के तौर पर था, जिसे हम समाजवादी लोग मानते हैं, जबकि बीजेपी वाले उनके राजा वाले स्वरूप को मानते हैं। वे मंदिर बनवाने और राम को अयोध्या लाने की बात करते हैं, जबकि भगवान राम ने अपने जीवन में समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की थी।”

वीरेंद्र सिंह ने आगे कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम, गौतम बुद्ध और हरिश्चंद्र समाजवादी सोच वाले थे क्योंकि उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों को समान दृष्टि से देखा। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में भी दो विचारधाराएँ थीं — एक सामंतवादी और दूसरी समाजवादी, और भगवान राम समाजवादी विचारधारा के प्रतीक रहे हैं।

PDA को बताया समाजवाद की आधुनिक व्याख्या

सपा सांसद ने समाजवादी पार्टी के PDA (पीड़ित, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक) प्लेटफॉर्म को भगवान राम की नीति से जोड़ते हुए कहा,

“PDA एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां समाज के वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार देने की बात होती है। यही काम भगवान राम ने अपने वनवास काल में किया था।”

BSP की रैली पर साधा निशाना

बसपा सुप्रीमो मायावती की हालिया रैली पर टिप्पणी करते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा,

“यूपी की राजनीति में अब बसपा से देर हो चुकी है। बहन जी ने अपनी रैली में साफ कर दिया है कि उनका समर्थन बीजेपी के साथ है।”

अखिलेश यादव के बयान का समर्थन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को “घुसपैठिया” बताने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भी वीरेंद्र सिंह ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि,

“हमारे नेता ने SIR के संदर्भ में बात कही है। जब किसी से पूछा जाता है कि वह कहां का रहने वाला है, तो इसमें गलत क्या है? यह पहचान बताने का अधिकार हर नागरिक को है।”

सपा सांसद के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी जहां इस बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है, वहीं समाजवादी पार्टी इसे भगवान राम की मूल भावना से जोड़कर समाज के हित में उठाया गया विचार मान रही है।

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