पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सोमवार (20 जुलाई) को उनके सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए एक पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन में से किसी एक शर्त के पूरी होने पर वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जुलाई को ही भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया था।
पत्र में सोनम वांगचुक ने लिखा, “प्रिय दोस्तों और साथियों, ‘आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं भूख हड़ताल कब खत्म करूंगा. जैसा कि समर्थकों को पहले भी बताया गया था, मैं 20 जुलाई को भूख हड़ताल खत्म कर दूंगा.”
अनशन खत्म करने के लिए सामने रखीं तीन शर्तें
सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया विफलताओं, विशेष रूप से पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
दूसरी शर्त के तहत उन्होंने कहा कि यदि वह और CJP का नेतृत्व संसद पहुंचता है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद एवं नेता उन्हें यह भरोसा दिलाते हैं कि शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा, तो भी वह भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।
तीसरी शर्त में उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य या अन्य किसी कारण से उनका संसद पहुंचना संभव नहीं होता, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर यही आश्वासन दें कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।
पत्र में अवैध नजरबंदी का भी लगाया आरोप
अपने पत्र के अंत में सोनम वांगचुक ने लिखा, “सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी नजरबंदी से, जहां मेरे आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी पर रोक लगी हुई है.”
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन, संसद सत्र के बीच सुरक्षा बढ़ाई गई
इस बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला, जहां दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई तीन स्तरीय बैरिकेडिंग को प्रदर्शनकारियों ने हटाने की कोशिश की। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।