Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू, CJP ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने रविवार (28 जून) से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर आंदोलन स्थल पर बुनियादी सुविधाएं बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है।

भूख हड़ताल शुरू होते ही पुलिस पर लगे सुविधाएं बंद करने के आरोप

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल की जानकारी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि भूख हड़ताल शुरू होने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर साफ-सफाई और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बंद कर दी हैं।

दीपके ने X पर लिखा, “सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल शुरू करने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर साफ सफाई की सुविधा बंद कर दी है. वहां पानी का कनेक्शन और साफ सफाई का कोई इंतजाम नहीं है.”

उम्र और सेहत का हवाला देने के बावजूद नहीं मिला सहयोग

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार पुलिस से अनुरोध किया और सोनम वांगचुक की उम्र तथा स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं से भी अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में अन्य आवश्यक सुविधाएं भी बंद की जा सकती हैं।

अपने पोस्ट में उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर दिल्ली पुलिस ऐसा क्यों कर रही है और आंदोलनकारियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित करने का उद्देश्य क्या है।

भूख हड़ताल से पहले राजघाट पहुंचे सोनम वांगचुक

भूख हड़ताल शुरू करने से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर आंदोलन की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को कथित तौर पर नजरबंद किया जा रहा है ताकि वे जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल न हो सकें।

महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर शुरू किया आंदोलन

दीपके ने बताया कि वह सोनम वांगचुक के साथ राजघाट भी पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद सोनम वांगचुक ने छात्रों को न्याय दिलाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।

अब इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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