Shashi Tharoor on Modi-Trump Friendship: कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ लेखक शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया मैत्रीपूर्ण संवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि केवल एक ट्वीट या दोस्ताना संदेश से दोनों देशों के बीच आई दरारें नहीं भरेंगी।
ट्वीट्स नहीं, चाहिए ठोस कदम
थरूर के अनुसार, ट्रंप का “हमेशा मोदी के साथ दोस्त रहूंगा” और “भारत-अमेरिका का विशेष रिश्ता” कहना स्वागत योग्य है, लेकिन यह रिश्ते सुधारने की शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि “सच्ची मरम्मत के लिए सतत संवाद, ठोस कदम और दीर्घकालीन रणनीति जरूरी है।”
पुराने विवाद अब भी बने बाधा
थरूर ने याद दिलाया कि ट्रंप प्रशासन के दौरान भारत पर 50% टैरिफ लगाना और व्यक्तिगत आलोचनाएं करना रिश्तों में तनाव का मुख्य कारण रहा। उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा भारत और रूस को चीन के कब्जे में बताने जैसी टिप्पणियों से भारत की जनता में गहरा आक्रोश है, जिसे सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दोस्ताना संदेश देकर ठीक नहीं किया जा सकता।
साझा हित ही हैं असली आधार
थरूर ने कहा कि भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी केवल नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती पर आधारित नहीं हो सकती। इसकी मजबूती संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग, लोकतांत्रिक मूल्य और भारतीय-अमेरिकी समुदाय जैसे साझा हितों में निहित है। उन्होंने चेताया कि अगर संस्थागत सहयोग पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यक्तिगत नेताओं के अचानक और विरोधाभासी बयानों से रिश्तों पर असर पड़ सकता है।
दीर्घकालीन सोच की जरूरत
अपनी बात को निष्कर्ष में रखते हुए थरूर ने कहा—
“भारत-अमेरिका संबंध एक बड़ी पारी की तरह हैं, जिसे धैर्य और समझदारी से खेलना होगा। अब वक्त है कि व्यक्तिगत मतभेदों को दरकिनार कर साझा हितों पर काम किया जाए, ताकि यह रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और मजबूती से कायम रह सके।”