तियानजिन। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तियानजिन शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संकट को सुलझाने में भारत और चीन की भूमिका की तारीफ की। पुतिन ने कहा कि रूस, चीन, भारत और अन्य साझेदारों के प्रयासों को उच्च महत्व देता है।
पश्चिम पर साधा निशाना
पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के लिए पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “कोई भी देश अपनी सुरक्षा दूसरे के खर्च पर सुनिश्चित नहीं कर सकता। पश्चिमी प्रयासों ने ही यूक्रेन संकट को गहराया है।” उन्होंने NATO विस्तार की कोशिशों को इस संघर्ष की बड़ी वजह बताया।
एससीओ के प्रभाव पर दिया जोर
पुतिन ने कहा कि एससीओ अब अंतरराष्ट्रीय मामलों में लगातार प्रभाव बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “एससीओ के भीतर संवाद एक नई यूरेशियन सुरक्षा प्रणाली की नींव रखता है, जो पुराने यूरोकेन्द्रित और यूरो-अटलांटिक मॉडलों की जगह ले रहा है।”
रूसी राष्ट्रपति ने सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग की भी सराहना की और बताया कि अब व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
भारत-चीन को लेकर सकारात्मक संदेश
शिखर सम्मेलन से पहले पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात में रूस-चीन संबंधों को और मजबूत करने की बात कही। वहीं, बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग ने सौहार्दपूर्ण पल साझा किए। पुतिन ने कहा, “जैसा हमेशा होता है, हम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार साझा करेंगे।”
मोदी ने जताई खास उम्मीद
द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मुझे हमेशा लगता है कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव होता है। हमने लगातार संपर्क बनाए रखा है और कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं। 140 करोड़ भारतीय इस साल दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हमारी विशेष साझेदारी की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है।”