
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों का सर्वे करा कर जांच कराई है। इन जांच में मदरसों के प्रबंधकों ने पूरा सहयोग किया।
अब प्रदेश सरकार मदरसों के संबंध में जल्द फैसला ले। सपा की अखिलेश सरकार ने मदरसों की दशा बिगाड़ने का काम किया है। अब योगी सरकार से बेहतरी की उम्मीद है।
मौलाना ने कहा कि मदरसों की जांच पड़ताल, सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश भर में हुए मदरसों के सर्वे रिपोर्ट को शासन को भेजी जा चुकी है। अब मदरसों के संबंध में सरकार जल्द फैसला ले। अगर इस सिलसिले में कुछ फर्जी मदरसे पाए गए हैं तो उनको बंद किया जा सकता है। मगर चंद मदरसों की वजह से हजारों मदरसों में दी जा रही शिक्षा को रोका जाना या असमंजस की स्थिति पैदा करना छात्र व छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
मौलाना ने कहा कि मदरसों की बिगड़ी दशा की जिम्मेदार समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार है। अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान 2017 में मदरसों की जिला स्तर पर होने वाली मान्यता को समाप्त कर दिया गया। 2016 और 2017 में एक भी मदरसे को मान्यता नहीं दी गई। इससे पहले 2014 और 2015 में भी जिन मदरस संचालकों ने जो फाइलें अल्पसंख्यक विभाग में जमा की थीं उन पर विचार करने के बजाय निरस्त कर दिया गया था। पूर्व सपा की सरकार मदरसों की बर्बादी और नाकामी की जिम्मेदार है। मौलाना ने कहा है कि योगी सरकार से हमारी मांग है कि जिला स्तर पर मदरसों के तेहतानिया और फोकानिया दर्जे की मान्यता का सिलसिला शुरू करें।