नई दिल्ली: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को राज्यसभा में एक ऐसा बयान दिया है जिससे महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की सियासत गरमा गई है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए राउत ने एनसीपी नेता अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को ‘रहस्यमय’ बताया और दावा किया कि “अजित पवार के पास बीजेपी की एक फाइल थी, जो उनके साथ ही विमान में थी.”
’15 जनवरी को दी थी धमकी, 10 दिन बाद मौत हो गई’
संजय राउत ने सदन में दावा किया कि 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले को लेकर अजित पवार ने 15 जनवरी को बीजेपी को जवाब दिया था. राउत ने कहा, “अजित पवार ने कहा था कि अगर आप सिंचाई घोटाले का आरोप लगाते हो, तो पैसा सिर्फ हमने नहीं खाया, बीजेपी ने भी इसमें जमकर पैसा खाया है. भारतीय जनता पार्टी की फाइल मेरे पास है. 15 जनवरी को ये बयान आया और उसके करीब 10 दिन बाद अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत हो गई.”
‘वो फाइल हमेशा साथ रखते थे, न्यायिक जांच हो’
राउत ने विमान हादसे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा, “मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं लेकिन ये बहुत रहस्यपूर्ण है. मेरी जानकारी है कि अजित पवार हमेशा वो फाइल अपने पास रखते थे. जब वो मुंबई से बारामती के लिए निकले तब भी वो फाइल उनके पास थी. आधे घंटे में उनकी मौत हो गई. वो फाइल कहां गई? इसकी स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए.”
‘सोनम वांगचुक जिंदा भी हैं या नहीं?’
संजय राउत ने लोकतंत्र और न्यायपालिका पर भी तीखे हमले किए.
- सोनम वांगचुक: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए राउत ने पूछा, “सोनम वांगचुक कहां हैं, उनकी हालत क्या है, क्या वो जिंदा भी हैं? उनका अपराध क्या है? उन्होंने कहा कि हमारी जमीन चीन ने कब्जा कर ली, तो उन्हें देशद्रोही बताकर जेल में डाल दिया गया.”
- संस्थाओं पर हमला: उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी की ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ बन गई है और कोर्ट सरकार की कठपुतली बन गए हैं. देश में डेमोक्रेसी नहीं बची है.
- मनरेगा: राउत ने सरकार पर मनरेगा का नाम बदलने और रोजगार की गारंटी कम करने का भी आरोप लगाया.