ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के पर्शियन गल्फ तट पर स्थित बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए हमले को लेकर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूस ने इस घटना को बेहद गंभीर और खतरनाक बताते हुए अपनी चिंताओं को अमेरिका के साथ साझा किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने सोमवार (23 मार्च 2026) को कहा कि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाए जाने जैसी घटनाएं पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
परमाणु सुविधाओं पर हमले खतरनाक: रूस
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में दिमित्री पेस्कोव ने कहा, ‘हमारा मानना है कि परमाणु सुविधाओं पर हमले बहुत खतरनाक हो सकते हैं. रूस ने इस मुद्दे पर बेहद जिम्मेदार रुख अपनाते हुए बार-बार अपनी चिंता व्यक्त की है.’
उन्होंने आगे कहा कि ईरान में जारी संघर्ष को सैन्य कार्रवाई की बजाय बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। पेस्कोव ने कहा, ‘यही एकमात्र उपाय है जो इस क्षेत्र में उत्पन्न हुई भयावह तनावपूर्ण स्थिति को शांत करने में मदद कर सकता है.’
अमेरिका-इजरायल हमलों पर रूस की आपत्ति
रूस ने बुशहर परमाणु पावर प्लांट को निशाना बनाए जाने की धमकियों को भी गलत करार दिया है। पेस्कोव ने कहा कि प्लांट के आसपास अमेरिकी-इजरायली हमले बेहद खतरनाक हैं और मॉस्को ने इस संबंध में अपनी चिंता सीधे अमेरिका तक पहुंचा दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे हमलों के परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं और उनकी भरपाई संभव नहीं होगी।
नतांज परमाणु परिसर पर पहले भी हुआ था हमला
इससे पहले ईरान के नतांज परमाणु परिसर पर भी हमला किया गया था, जिसकी रूस ने कड़ी निंदा की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया था। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने उस समय चिंता जताते हुए कहा था कि रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।
संघर्ष शुरू होने के बाद नतांज परमाणु केंद्र पर यह दूसरा हमला था। इससे पहले 2 मार्च को भी इस प्लांट को निशाना बनाया गया था। यह ईरान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है, जहां यूरेनियम एनरिचमेंट किया जाता है। इस्फहान में स्थित इस सुविधा की खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बनाया गया है। 2 मार्च के हमले के बाद 3 मार्च को आईएईए ने पुष्टि की थी कि नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी के प्रवेश द्वार के पास मौजूद इमारतों को हल्का नुकसान पहुंचा था।