Financial Emergency Article 360 के तहत मोदी जी आपातकाल लगाये — फिल्म अभिनेता राकेश पांडे

राकेश पांडे ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से संविधान के अनुच्छेद 360 के तहत देश में वित्तीय आपातकाल लागू करने की मांग की है। प्रेस वार्ता के दौरान अभिनेता राकेश पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां हमेशा देशहित में रही हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक संकट के समय देश की अखंडता और संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए धारा 360 (Financial Emergency) लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि देश की वित्तीय स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और वैश्विक परिस्थितियों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।

सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राकेश पांडे, जो गुजरात में Govind Thakor के नाम से प्रसिद्ध हैं, उन्होंने सिल्वर जुबली गुजराती फिल्म Sardad Ni Paar Maari Radha, Govind Thakor Rickshaw Walo जैसी अनेक सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया है। इसके अलावा उन्होंने कई भोजपुरी फिल्मों में भी बतौर लीड अभिनेता काम किया है। भोजपुरी फिल्म Veer Arjun में उनके अभिनय को विशेष सराहना मिली थी, जिसके लिए उन्हें Anurag Thakur और Hema Malini द्वारा काशी महोत्सव में विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया था। लंबे समय से सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाले राकेश पांडे ने इस बार देश की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।

प्रेस वार्ता में राकेश पांडे ने कहा कि भारत इस समय दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति के कारण पूरी दुनिया में आर्थिक संकट का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के पीछे विदेशी ताकतें भी सक्रिय हैं और ऐसी स्थिति में देश को एक मजबूत आर्थिक सूत्र में बांधना बेहद आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि आज तक देश में अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है, लेकिन यह संविधान द्वारा बनाया गया ऐसा प्रावधान है जिसे तब लागू किया जा सकता है जब देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हो या उसके कमजोर होने के संकेत दिखाई देने लगें। राकेश पांडे का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र सरकार को इस विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि यदि धारा 360 लागू होती है तो Reserve Bank of India के आर्थिक नियम और वित्तीय दिशा-निर्देश पूरे देश में एक साथ प्रभावी रूप से लागू किए जा सकेंगे। उनके अनुसार, जब पूरा देश राष्ट्रपति शासन के अंतर्गत एक दिशा में चलेगा, तब सभी राज्यों में समान आर्थिक व्यवस्था लागू हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उस स्थिति में कोई भी राज्य अलग नीति पर कार्य नहीं करेगा और पूरा देश एकजुट होकर आर्थिक संकट का सामना करेगा, ठीक उसी प्रकार जैसे कोरोना लॉकडाउन के दौरान पूरे देश ने एक समान नियमों का पालन किया था।

राकेश पांडे ने कहा कि वर्तमान समय में भले ही 28 राज्यों में अधिकांश जगह भाजपा या सहयोगी दलों की सरकारें हों, लेकिन सभी राज्यों की अपनी-अपनी समस्याएं और सीमाएं हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर एक समान आर्थिक नीति लागू करना आसान नहीं हो पाता। उनका कहना था कि Reserve Bank of India भी तभी प्रभावी और व्यापक आर्थिक कदम उठा सकता है जब देश में वित्तीय आपातकाल लागू हो।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के समय में अपने सरकारी काफिले और खर्चों में कटौती की है, जिसका असर अन्य नेताओं और अधिकारियों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, उनका मानना है कि मौजूदा संकट की गंभीरता को देखते हुए केवल यह कदम पर्याप्त नहीं होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द ठोस और कठोर आर्थिक फैसले लेने की अपील की।

अपने वक्तव्य के अंत में राकेश पांडे ने कहा कि यदि समय रहते बड़े कदम नहीं उठाए गए तो वैश्विक आर्थिक संकट का प्रभाव भारत पर और अधिक गहरा हो सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि देशहित को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द अनुच्छेद 360 लागू करने और वित्तीय आपातकाल घोषित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर, सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।

(Report- Monika Vaghela)

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