राजस्थान के डिप्टी CM के समर्थन में सोशल मीडिया पर जुटे लोग, बोले- दलित होने के कारण IAS ने किया अपमान

राजस्थान को लेकर सोमवार को सोशल मीडिया पर ऐसे दावे किए गए, जिसने राज्य में दलितों के उत्पीड़न और उनसे भेदभाव के मुद्दे को एक बार फिर से छेड़ दिया. दरअसल, राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा को लेकर सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने उनका अपमान किया है और इस अपमान की वजह लोग डिप्टी सीएम के दलित समाज से होने को ही मान रहे हैं.इन दावों को लेकर सोमवार को एक्स (ट्विटर) पर #WeSupportDcmBairwa ट्रैंड किया.इस हैशटैग के साथ ट्वीट करते हुए लोगों ने दावा किया कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल ने राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंदर बैरवा का कथित तौर पर अपमानित किया. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, हाल ही में डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा कोरियाई डेलिगेशन के साथ हाई लेवल मीटिंग में शामिल हुए थे.किस वहज से निशाने पर आए IAS अधिकारी?इस दौरान डिप्टी सीएम को उनके जूतों को लेकर निशाना बनाया गया. दावा किया जा रहा है कि कथित तौर पर आईएएस अधिकारी ने सार्वजनिक तौर पर डिप्टी सीएम का उनके जूतों को लेकर मजाक बनाया.सोशल मीडिया पर लोग इसको गंभीरता से लेते हुए हमलावर हैं. उनका कहना है कि प्रेम चंद बैरवा को उनके दलित जाति से संबंध के चलते निशाना बनाया जा रहा है. एक यूजर ने अपने पोस्ट में लिखा, इस घटना से उस बड़े जाति आधारित उत्पीड़न का खुलासा होता है, जिसका सामना डॉ. प्रेम चंद्र बैरवा काफी समय से कर रहे हैं.लोगों ने की जांच की मांगउन्होंने कथित तौर पर आईएएस शिखर अग्रवाल पर लगातार डिप्टी सीएम के पद का अपमान करने का भी आरोप लगाया. लोग इस मामले की आधिकारिक जांच कराए जाने और अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं.मालूम हो कि सत्ता में वापसी के बाद बीजेपी ने एक सीएम के साथ दो डिप्टी सीएम वाले फॉर्मूले को राजस्थान में भी लागू किया और दलित समाज से आने वाले डॉ. प्रेम चंद बैरवा को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया. बैरवा राज्य में पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में से एक हैं और समाज के लोगों के बीच लगातार अपने कार्यों के चलते पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सूबे का डिप्टी सीएम बनाया.

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