लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि वह विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने हैं और इसी समर्थन के दम पर पद पर बने हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था विदेशी ताकतों के नियंत्रण और समर्थन पर निर्भर है। राहुल के इस बयान से राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी खुली बहस की चुनौती
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, ‘मोदी जी इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए. आप विदेश मदद से पीएम बने हैं. विदेश मदद से ही पीएम बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के कंट्रोल में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है.’
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर आमने-सामने बहस करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं.’
पीएम मोदी ने कांग्रेस और विपक्ष पर साधा था निशाना
राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने 31 अक्टूबर को कांग्रेस और विपक्ष पर देश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। पीएम मोदी ने कहा था कि कुछ बाधा डालने वाली ताकतें देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही हैं और अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने क्या कहा था?
गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने विपक्ष को बाधा डालने वाली ताकत बताते हुए कहा था कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसके जरिए अफवाहें फैलाने और भारत की छवि खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘दिमागी नक्सलों’ के प्रति भी आगाह किया था। इसके साथ ही उन्होंने देश में एक सेक्युलर सिविल कोड की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया था। अब राहुल गांधी के ताजा बयान और बहस की चुनौती के बाद इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है।