वाराणसी में जान बचाके निकले हैं पीएम; प्रियंका लड़ जाती तो 2-3 लाख वोट से हारते मोदी: राहुल गांधी

यूपी खासकर अमेठी-रायबरेली में कांग्रेस को मिली शानदार जीत के बाद अपने कार्यकर्ताओं और जनता का आभार जताने पहुंचे राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा खुलासा भी कर दिया।राहुल गांधी ने कहा कि अगर प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ जाती तो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो से तीन लाख वोटों से हार जाते। राहुल गांधी ने कहा कि अयोध्या में तो भाजपा हार ही गई है। वाराणसी में प्रधानमंत्री जान बचाकर निकले हैं। राहुल ने कहा कि यह बात किसी अहंकार में नहीं कह रहा हूं। हिन्दुस्तान की जनता ने प्रधानमंत्री को मैसेज दिया है कि हम आपकी नफरत के खिलाफ हैं। हम मोहब्बत चाहते हैं। आपकी राजनीति हमें अच्छी नहीं लगी है। जनता ने प्रधानमंत्री के बताया है कि आपने देश में दस साल तक हिंसा और नफरत फैलाई है। हिन्दुस्तान की जनता ने प्रधानमंत्री को जवाब दिया है।

राहुल गांधी ने वाराणसी में पीएम मोदी की कम मार्जिन और अयोध्या में हुई भाजपा की हार पर कहा कि इस बार अमेठी और रायबरेली ही नहीं पूरे यूपी और देश के अलग अलग राज्यों में लोगों ने प्रधानमंत्री की नफरत की राजनीति के खिलाफ एकजुट होकर वोट दिया है। राहुल ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया। उसके उद्घाटन में एक गरीब आदमी नहीं था। एक दलित, एक किसान, एक मजदूर, एक पिछड़ा नही था। आदिवासी राष्ट्रपति को कहा कि आप वहां नहीं आ सकतीं। वहां अडानी-अंबानी थे। देश के अरबपति थे। पूरा बॉलीवुड, क्रिकेट की टीमें खड़ी थीं। जवाब अयोध्या की जनता ने दिया है। सिर्फ अयोध्या में ही नहीं वाराणसी में जान बचाकर निकले हैं प्रधानमंत्री। मैं आपसे और बहन प्रियंका से कह रहा हूं, अगर यह लड़ गई होती तो वाराणसी में आज प्रधानमंत्री दो से तीन लाख वोटों से हार जाते।

कहा कि मैंने सोचा कि ऐसा क्यों हुआ। पहली बार देखा कि इंडिया गठबंधन का हर कार्यकर्ता एक साथ मिलकर लड़ गया है। पहले भी गठबंधन होता था लेकिन शिकायतें आती थीं कि आप के लोगों ने मदद नहीं की। इस बार एक इंच पीछे नहीं हटे। हर प्रदेश में हम लोग मिलकर लड़े हैं। मणिपुर, राजस्थान, तेलंगाना हर जगह एक हो गए।

राहुल गांधी ने कहा कि इस एकजुटका के दो तीन कारण हैं। सबसे बड़ा कारण देश की आत्मा को समझ आ गया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह हिन्दुस्तान के संविधान को खत्म करना चाहते हैं। दोनों मिलकर हिन्दुस्तान की नींव को खत्म करना चाहते हैं। इसलिए पूरा हिन्दुस्तान एक साथ खड़ा हो गया। हिन्दुस्तान की राजनीति में एक बदलाव आया। पहली बार हमने देखा कि प्रधानमंत्री खुलकर हिंसा और नफरत की राजनीति कर रहे हैं। यह हिन्दुस्तान की संस्कृति के खिलाफ है।

राहुल ने कहा कि पूरे देश को रास्ता अमेठी, रायबरेली और यूपी ने दिखाया है। यूपी की जनता ने नफरत, हिंसा और अहंकार के खिलाफ दबाकर वोट दिया है। कहा कि 2014 के बाद से पहली बार राजनीति 20-25 लोगों के लिए की जा रही है। जनता के बीच नफरत फैलाते हैं और कुछ लोगों को फायदा पहुंचा देते हैं। इस बार सभी ने मिलकर काम किया है।

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