राजनाथ, शाह या वैष्णव? किसके खजाने में है सबसे ज्यादा पैसा; मोदी कैबिनेट 3.0 में किस मंत्रालय का बजट सबसे ज्यादा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए गठबंधन की सरकार के तमाम कैबिनेट मंत्रियों ने अपना चार्ज ले लिया है। किसी भी सरकार के मंत्रिमंडल में गृह, रक्षा, रेल और विदेश जैसे मंत्रालय हमेशा से अहम रहे हैं।इन मंत्रालयों को भारी भरकम फंड भी मुहैया कराया जाता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मोदी कैबिनेट 3.0 में किस मंत्री को मिले मंत्रालय का बजट सबसे ज्यादा है।

राजनाथ सिंह के मंत्रालय को मिला सबसे ज्यादा पैसा
रक्षा मंत्रालय के लिए अंतरिम बजट 2024-2025 में सबसे अधिक बजटीय आवंटन मिला था, यह मंत्रालय वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह के पास बना हुआ है। देश के सैन्य अभियानों, खरीद और बुनियादी ढांचे के विकास की देखरेख के लिए जिम्मेदार रक्षा मंत्रालय को 2024-25 के अंतरिम बजट में 5.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछली सरकार में राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रालय में पिछले वर्ष की तुलना में 15% की वृद्धि देखी गई, क्योंकि मोदी सरकार ने उभरते पड़ोसी और वैश्विक खतरों के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने को प्राथमिकता दी।

दूसरे नंबर पर है गडकरी का मंत्रालय
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरा सबसे बड़ा आवंटन पाने वाला मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग है। इस मंत्रालय की कमान महाराष्ट्र के कद्दावर भाजपा नेता नितिन गडकरी के पास है। पीएम मोदी के बीते दो कार्यकाल में गडकरी ने यही मंत्रालय संभाला था। अंतरिम बजट में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को वर्ष 2024 के लिए 2.78 लाख करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12% अधिक है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, नई सड़कों के निर्माण तथा कनेक्टिविटी बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने वाले इस मंत्रालय को गडकरी के नेतृत्व में तीव्र और कुशल कार्य के लिए प्रशंसा मिली।

तीन है फंड के मामले में रेल मंत्रालय की रैंकिंग
तीसरे स्थान पर रेल मंत्रालय है, जिसे पिछले अंतरिम बजट में 2.55 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस मंत्रालय की कमान इस बार भी अश्विनी वैष्णव के हाथ में दी गई है। रेल मंत्रालय का लक्ष्य रेलवे के बुनियादी ढांचे को उन्नत करना, नई ट्रेनें और सेवाएं शुरू करना और यात्री सुविधाओं को बढ़ाना है। पिछले अंतरिम बजट में इसके बजट में 10% की वृद्धि की गई थी।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय इस लिस्ट में चौथे स्थान पर आता है। यह मंत्रालय भाजपा नेता प्रहलाद जोशी को दिया गया है। 2.13 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के साथ, पिछले अंतरिम बजट में इस मंत्रालय के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 8% की वृद्धि देखी गई। मंत्रालय गरीबों को सब्सिडीयुक्त और मुफ्त खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अमित शाह के मंत्रालय को कितना हुआ आवंटित
प्रधानमंत्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण कैबिनेट पद यानी गृह मंत्रालय अमित शाह को आवंटित किया गया है। अमित शाह 2019 से ही इस पद पर काबिज रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, कानून और व्यवस्था का प्रबंधन करने तथा सीमा नियंत्रण की देखरेख करने वाले इस मंत्रालय को पिछले अंतरिम बजट में 2.03 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9% अधिक है। इस हिसाब से इस मंत्रालय की रैंकिंग सबसे ज्यादा बजट पाने वाले मंत्रालयों में पांचवें स्थान पर है।

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