
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले महीने भारत में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं लेंगे। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसने कहा कि पुतिन की सितंबर में भारत जाने की कोई योजना नहीं है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया, “राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत जाने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। अब मुख्य जोर विशेष सैन्य अभियान (यूक्रेन युद्ध) पर है।”
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने पुतिन पर यूक्रेन में युद्ध अपराधों का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसका मतलब यह है कि विदेश यात्रा करते समय पुतिन को गिरफ्तार किए जाने का जोखिम है। पुतिन ने इस सप्ताह दक्षिण अफ्रीका में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं लिया, बल्कि वीडियो लिंक के जरिए जुड़े थे।
ज्ञात हो कि जी20 के विश्व नेताओं का शिखर सम्मेलन 9 से 10 सितंबर को नई दिल्ली में होगा। इसके भारत में विश्व नेताओं के सबसे बड़े सम्मेलन में से एक होने की संभावना है। भारत ने इंडोनेशिया से एक दिसंबर 2022 को जी20 की अध्यक्षता संभाली थी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सात से 10 सितंबर तक भारत की यात्रा करेंगे। इस शिखर सम्मेलन में कई राष्ट्रों और सरकारों के प्रमुख तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।
पेसकोव ने कहा कि पुतिन की भागीदारी का प्रारूप बाद में निर्धारित किया जाएगा। जोहानिसबर्ग में हाल ही में समाप्त हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए। उनका प्रतिनिधित्व रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने किया। राष्ट्रपति पुतिन ने कोविड-19 के बाद हुए पहले प्रत्यक्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने यूक्रेनी बच्चों को रूस में निर्वासित करने की एक कथित योजना को लेकर मार्च में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। दक्षिण अफ्रीका आईसीसी से जुड़ा हस्ताक्षरकर्ता है और आशंका थी कि वह पुतिन के आने पर उनकी गिरफ्तारी कराने में मदद करता।