उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के जरिए अब प्रदेश के गांवों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया है। सरकार का दावा है कि इस योजना से गांवों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और उन्हें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने, डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं तथा महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में 21 जिलों का चयन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारंभ करते हुए बताया कि पहले चरण में प्रदेश के 21 जनपदों को इस योजना से जोड़ा गया है। सरकार की योजना है कि जल्द ही इसे सभी 75 जिलों तक विस्तार दिया जाए।
परियोजना के लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा और गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
डिजिटल इंडिया विजन को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ब्रॉडबैंड इंटरनेट बुनियादी आवश्यकता बन चुका है और इंटरनेट की तेज गति विकास की रफ्तार को भी तेज करती है।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह योजना आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
8 हजार डिजिटल उद्यमियों को मिलेगा अवसर
सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में डिजिटल सशक्तिकरण के लिए 8 हजार डिजिटल उद्यमियों को आगे बढ़ाने की घोषणा की थी। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ इसी लक्ष्य को पूरा करने का माध्यम बनेगा।
विशेष बात यह है कि इन डिजिटल उद्यमियों में 50 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया जाएगा। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और वे डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
गांवों तक पहुंचेगी लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिन्दुजा ग्रुप इस परियोजना के तहत गांवों तक लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इसके जरिए डिजिटल उद्यमी ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट आधारित सेवाएं प्रदान करेंगे।
इस पहल से ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक आसान पहुंच मिल सकेगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का रास्ता भी खुलेगा।
गांवों के उत्पादों को मिलेगा ऑनलाइन बाजार
‘प्रोजेक्ट गंगा’ का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को डिजिटल मार्केट से जोड़ना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिए गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों को ऑनलाइन बिक्री का मंच मिलेगा।
इससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद देश और दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
पंचायत स्तर तक पहुंचेगी डिजिटल उद्यमिता
सरकार की योजना केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में इस योजना को प्रदेश की 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों और लगभग 8,000 न्याय पंचायतों तक पहुंचाया जाएगा।
इसके बाद इसे सभी 57,700 ग्राम पंचायतों तक विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ग्राम सचिवालय और डिजिटल सेवाओं को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले से स्थापित ग्राम सचिवालय व्यवस्था को भी इस योजना से मजबूती मिलेगी। वर्तमान में ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति, निवास और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचने के बाद इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा तेज बनाया जा सकेगा।
महिलाओं को भी मिलेगा विशेष अवसर
सरकार इस योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीसी सखी मॉडल की तरह डिजिटल उद्यमियों की भी एक अलग पहचान विकसित की जाएगी।
महिलाओं को आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि वे डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकें।
डिजिटल गांवों की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि प्रदेश की सभी न्याय पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो जाता है तो ग्राम पंचायतों तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना काफी आसान हो जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ उत्तर प्रदेश के गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।