PoJK में बढ़ा जनआक्रोश! प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना को दी खुली चेतावनी, 23 जून की डेडलाइन से पहले बढ़ा तनाव

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। 22 जून को आंदोलन का 14वां दिन रहा। रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हजारों प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं, जबकि विभिन्न शहरों में महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया।

रावलाकोट में हजारों लोग आंदोलन पर अड़े, कई शहरों में प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, रावलाकोट के ईदगाह मैदान में PoJK के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे 70 हजार से अधिक लोग पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, विभिन्न शहरों में महिलाओं और बच्चों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आजादी के समर्थन में नारे लगाए।

सुधनोति जिले के तरार खेल क्षेत्र में 10 से 12 वर्ष आयु के स्कूली बच्चों ने सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र होकर आजादी के नारे लगाए। वहीं मंढोल इलाके में महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी की।

बच्चों के बैनरों पर दिखा गुस्सा

रावलाकोट के ईदगाह मैदान में कई स्कूली बच्चे हाथों में बैनर लेकर दिखाई दिए। इन बैनरों पर लिखा था – ‘पाकिस्तानी फौज बाहर जाओ’, ‘पाकिस्तानी फौज कश्मीरियों को मार रही है’, ‘कश्मीर पाकिस्तान के हमले का शिकार है’, ‘हमे हक चाहिए’, ‘हमे मुफ्त शिक्षा चाहिए’, ‘इंटरनेट और खाना बंद कर दिया गया है’, ‘संयुक्त राष्ट्र हमे आपका ध्यान चाहिए’.

आयोजकों ने सेना और सरकार को दी सख्त चेतावनी

प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में शामिल सरदार अमान खान ने कहा कि ‘PoJK के लोगों के पास कई ऑप्शन हैं, लेकिन पाकिस्तानी हुकूमत के पास ऑप्शन नहीं है. ऐसे में या तो उन्हें हक दें या फिर अगर पाकिस्तानी फौज जुल्म जारी रखेगी तो पूरी की पूरी पाकिस्तानी फौज को PoJK के बाहर खदेड़ा जाएगा.’

उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तानी फौज ने झूठ बोल कर बंगालियों का नरसंहार किया था,बलूचों को मारती है, पख्तूनों को मारती है, लेकिन कश्मीरी जवाब देना जानते हैं और अगर कश्मीरी PoJK में जिंदा नहीं रह सकते तो पाकिस्तानी फौज भी PoJK में जिंदा नहीं रहेगी.’

23 जून तक का अल्टीमेटम, मुजफ्फराबाद मार्च की तैयारी

इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही अवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को 23 जून तक का समय दिया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि यदि उनकी 38 मांगों को निर्धारित समयसीमा तक स्वीकार नहीं किया गया, तो एक लाख से अधिक प्रदर्शनकारी रावलाकोट से PoJK की राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर कूच करेंगे।

सरदार अमान खान ने दावा किया कि यदि ऐसा मार्च शुरू हुआ तो मुजफ्फराबाद में अवामी एक्शन कमेटी का प्रभाव और मजबूत होगा। आंदोलनकारी इसे क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं।

इंटरनेट बंद, खाद्य आपूर्ति प्रभावित

PoJK में हालात पिछले कई दिनों से तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 5 जून से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जबकि 14 जून से खाद्य सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों को क्षेत्र की सीमाओं पर रोक दिया गया है।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना की कार्रवाई में अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *