
PMAY: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है। गृहमंत्री अमित शाह ने तो छत्तीसगढ़ में यह भी ऐलान किया था कि 2026 तक दुर्गा पूजा के समय तक बस्तर और दंतेवाड़ा को नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सुरक्षा बल लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन चला रहे हैं, और हाल ही में झारखंड और छत्तीसगढ़ में किए गए ऑपरेशनों में कई नक्सलियों को ढेर भी किया गया है।
सख्त कार्रवाई के साथ-साथ, सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर भी जोर दे रही है। इस दिशा में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर दिए जा रहे हैं।
PMAY: दंतेवाड़ा में 38 नक्सलियों को मिलेगा घर
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इन्हें सरकारी सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के घर बनवाने का काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 38 नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को स्थायी आवास दिए जा रहे हैं। गीदम विकासखंड के ग्राम पंचायत झोड़ियाबाड़म में इन घरों के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया।
इस मौके पर दंतेवाड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। नक्सल प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण किया गया और 38 परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि अगले 3-4 महीनों में यहां एक कॉलोनी बनकर तैयार हो जाएगी।”
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की खुशी
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए यह एक नई शुरुआत है। लाभार्थी परिवारों के बीच अपने पक्के घर बनने की खुशी साफ दिख रही है। इनमें से एक लाभार्थी, छोटू मांडवी, जो 2015 में नक्सल गतिविधियों में शामिल हुआ था, 2020 में आत्मसमर्पण कर चुका है। उसने कहा, “मैंने 2020 में आत्मसमर्पण किया और अब सरकार से घर मिल रहा है। हम सरकार का धन्यवाद करते हैं। हमें बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए यह योजना बहुत मददगार साबित हो रही है।”