Business News: आईवियर रिटेल चेन लेंसकार्ट (Lenskart) के संस्थापक पीयूष बंसल जल्द ही अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं. 15 साल पहले शुरू हुआ उनका यह स्टार्टअप अब शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी में है. कंपनी के आने वाले IPO की वैल्यूएशन 9 अरब डॉलर बताई जा रही है, और इस पब्लिक ऑफरिंग से पीयूष बंसल को करीब 80 करोड़ डॉलर (लगभग ₹6,600 करोड़) का मुनाफा हो सकता है.
IPO से हो सकता है 1 अरब डॉलर नेटवर्थ का आंकड़ा पार
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, अगर आईपीओ के बाद लेंसकार्ट के शेयर 25% प्रीमियम पर लिस्ट होते हैं, तो पीयूष बंसल की कुल संपत्ति 1 अरब डॉलर (लगभग ₹90 अरब) तक पहुंच सकती है. इस उपलब्धि के साथ वह उन भारतीय उद्यमियों में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने शून्य से अरबों का बिजनेस खड़ा किया है.
कंपनी अब आने वाले दिनों में AI, टेक्नोलॉजी और ऑफलाइन स्टोर्स के विस्तार पर निवेश बढ़ाने की योजना बना रही है.
संघर्ष के दौर में बढ़ाया भारतीय स्टार्टअप्स पर भरोसा
एक वक्त ऐसा भी था जब देश के बड़े स्टार्टअप्स को फंडिंग और सर्वाइवल की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन पीयूष बंसल की कामयाबी ने निवेशकों का भरोसा फिर से भारतीय स्टार्टअप्स पर लौटा दिया.
लेंसकार्ट ने भारत में रोबोटिक प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ऑप्टिकल इंडस्ट्री में एक नई पहचान बनाई. इसके लिए कंपनी ने जर्मनी से हाई-टेक मशीनें मंगाईं और ऑनलाइन ऑर्डरिंग सिस्टम तैयार किया, जिससे ग्राहकों के लिए अनुभव और आसान बन गया.
ऐसे आया लेंसकार्ट का आइडिया
साल 2010 में पीयूष बंसल ने देखा कि भारतीय बाजार में प्रीमियम क्वॉलिटी के चश्मे महंगे और मुश्किल से मिलने वाले हैं. उन्होंने इस कमी को बिजनेस आइडिया में बदला और लिंक्डइन पर मिले कुछ साथियों के साथ लेंसकार्ट की शुरुआत की.
शुरुआत में कंपनी सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म थी, लेकिन बाद में इसने सनग्लासेज, कॉन्टैक्ट लेंस और किफायती आईवियर को भी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में शामिल कर ऑम्नी-चैनल ब्रांड का रूप ले लिया.
सेबी से मिली IPO को मंजूरी
जून 2025 में लेंसकार्ट ने अपने आईपीओ डॉक्युमेंट्स सेबी (SEBI) के पास जमा किए थे, जिन्हें अब मंजूरी मिल चुकी है. कंपनी के आईपीओ में
- ₹2,150 करोड़ (लगभग $250 मिलियन) के नए शेयर जारी होंगे,
- जबकि ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत मौजूदा निवेशक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे.
आईपीओ का कुल साइज ₹7,500 से ₹8,000 करोड़ के बीच अनुमानित है.
इसमें पीयूष बंसल, नेहा बंसल, सुमित कपाही, अमित चौधरी, और प्रमुख निवेशक सॉफ्टबैंक, टेमासेक, प्रेमजी इन्वेस्ट, केदार कैपिटल और अल्फा वेव ग्लोबल हिस्सा बेचेंगे.
आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा, मॉर्गन स्टेनली, सिटी, एवेंडस कैपिटल और इंटेंसिव फिस्कल सर्विसेज को मर्चेंट बैंकर के रूप में नियुक्त किया गया है.
15 साल पहले एक स्टार्टअप आइडिया के रूप में शुरू हुआ लेंसकार्ट आज भारतीय उद्यमिता की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक बन चुका है — और अब यह इतिहास रचने से बस एक कदम दूर है.