परमाणु पनडुब्बी क्या होती है? रूस के पूर्व राष्ट्रपति की धमकी के बाद ट्रंप ने दी तैनाती की चेतावनी

पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव के भड़काऊ बयान के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो परमाणु पनडुब्बियों को ‘सही जगह’ पर तैनात करने का आदेश दिया है। मेदवेदेव ने हाल ही में अमेरिका के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में ट्रंप ने यह फैसला लिया।

ट्रंप ने कहा, “मैंने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि हो सकता है कि ये मूर्खतापूर्ण और भड़काऊ बयान केवल बातें भर न हों। शब्दों की अहमियत होती है और कई बार इनके अंजाम अनचाहे हो सकते हैं।”

हालांकि ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि ये पनडुब्बियां परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हैं या परमाणु हथियारों से लैस। सैन्य गोपनीयता की वजह से इन पनडुब्बियों के स्थान की जानकारी भी साझा नहीं की गई।

क्या होती है परमाणु पनडुब्बी?

परमाणु पनडुब्बी ऐसे परमाणु रिएक्टर से चलती है, जो इसे लंबी अवधि तक बिना सतह पर आए पानी के भीतर चलने की क्षमता देती है। ये दो प्रकार की होती हैं:

  • परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी (Nuclear-powered): इनमें परमाणु रिएक्टर इंजन के तौर पर काम करता है और इन्हें बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बी (Nuclear-armed): इनमें परमाणु मिसाइलें या टॉरपीडो लगाए जाते हैं, जो परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करते हैं।

रूस और अमेरिका दोनों के पास दुनिया के सबसे बड़े परमाणु पनडुब्बी बेड़े हैं। ये पनडुब्बियां अपनी मारक क्षमता और अदृश्यता के कारण बेहद खतरनाक और रणनीतिक हथियार मानी जाती हैं।

ट्रंप की चेतावनी का असर

ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा, “रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव के बेहद भड़काऊ बयान को देखते हुए मैंने दो परमाणु पनडुब्बियों को संबंधित क्षेत्रों में तैनात करने का आदेश दिया है।”

इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “एक धमकी दी गई थी और हमें लगा कि यह ठीक नहीं है। इसलिए मुझे काफी सतर्क होना पड़ा। अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हम हर जरूरी कदम उठाएंगे।”

ट्रंप के इस बयान के बाद रूस के शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, हालांकि मॉस्को ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ट्रंप-मेदवेदेव के बीच बढ़ता तनाव

पिछले कुछ समय से ट्रंप और मेदवेदेव सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर निजी हमले कर रहे हैं। ट्रंप ने रूस से यूक्रेन में युद्धविराम की मांग करते हुए पुतिन को 8 अगस्त तक की समयसीमा दी है। इसके पहले भी उन्होंने कई बार चेतावनियां दी थीं, जिसमें रूस पर कड़े टैक्स लगाने की धमकी भी शामिल है।

परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती की धमकी से रूस-अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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