
Plane Crash Reason: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब इस विमान दुर्घटना से पहले पायलट द्वारा भेजा गया एक ऑडियो संदेश सामने आया है, जो विमान के गिरने की असली वजह को दर्शाता है। यह संदेश कॉकपिट से भेजा गया था, जब विमान क्रैश होने ही वाला था।
भयानक हादसा: विमान गिरा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर
गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे, लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान ने टेकऑफ किया। हालांकि, उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद यह विमान अचानक अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में स्थित एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिर पड़ा। इस भयंकर हादसे में 274 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, जिनमें 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और 33 स्थानीय लोग शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के कई छात्र भी इस हादसे का शिकार हुए।
पायलट का खतरनाक संदेश
हादसे से ठीक पहले पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को एक संदेश भेजा, जिसमें उसने विमान में पावर और थ्रस्ट की कमी की बात की। वरिष्ठ पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल की घबराई हुई आवाज में भेजे गए इस संदेश में कहा गया, “मे डे… मे डे… मे डे… नो पावर… नो थ्रस्ट… गोइंग डाउन…” यह 5 सेकंड का संदेश था, लेकिन इसमें जो घबराहट और आपात स्थिति थी, वह साफ तौर पर महसूस होती है, यह दर्शाता है कि पायलट ने अंतिम क्षणों तक विमान को कंट्रोल करने की पूरी कोशिश की।
विमान की ऊंचाई में कमी और तेजी से गिरना
जैसे ही विमान ने ऊंचाई पकड़ने की कोशिश की, उसमें पावर और थ्रस्ट की कमी आने लगी, जिससे वह तेजी से नीचे गिरने लगा। इस दुर्घटना में सबसे ज्यादा नुकसान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल को हुआ, जहां कई छात्र और स्थानीय निवासी अपनी जान गंवा बैठे।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी हादसे का शिकार
इस दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे और उनकी भी मौत हो गई। हादसे के बाद विमान के ब्लैक बॉक्स का एक हिस्सा गुरुवार रात को बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे ब्लैक बॉक्स और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) की खोज अभी भी जारी है। इन उपकरणों से विमान की तकनीकी खराबियों और पायलट के अंतिम निर्णयों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
जांच के लिए हाईलेवल कमेटी का गठन
इस भीषण विमान दुर्घटना की जांच के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह पैनल दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करेगा और साथ ही मौजूदा सुरक्षा दिशानिर्देशों और ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की समीक्षा भी करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दुःखद और दर्दनाक: पूरे देश को एक और बड़ा झटका
यह हादसा न केवल विमानन क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा आघात है, जिसमें अनगिनत मासूमों की जान गई। इस त्रासदी ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत को रेखांकित किया है।