
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला संवाद कार्यक्रम के दौरान एक अहम घोषणा की है, जिससे राज्य के लाखों लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब, बुजुर्गों, विधवाओं, और दिव्यांगजनों को हर महीने 400 रुपये की बजाय 1100 रुपये पेंशन मिलेगी। यह राशि हर महीने की 10 तारीख को उनके खातों में भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने से यह नई दर पर पेंशन का भुगतान शुरू हो जाएगा। पेंशन वृद्धि की मांग बिहार में लंबे समय से की जा रही थी, और अब यह घोषणा लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के लिए भी एक नई योजना की घोषणा की है, जिसके तहत अब उन्हें समूह लोन के रूप में 3 लाख रुपये की बजाय 5 लाख रुपये तक की राशि मिल सकेगी।
नीतीश कुमार ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत अब विधवाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को हर महीने 400 रुपये की बजाय 1100 रुपये पेंशन मिलेगी। सभी लाभार्थियों के खाते में यह राशि जुलाई से भेजी जाएगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वृद्धजन समाज का अनमोल हिस्सा हैं और उनका सम्मानजनक जीवन-यापन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महंगाई के दौर में एक बड़ी मदद
इस घोषणा से राज्य के 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लाभार्थियों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस बढ़ोतरी से समाज के कमजोर वर्ग को बड़ी मदद मिलेगी, विशेषकर महंगाई के इस दौर में जब 400 रुपये से गुजारा करना मुश्किल होता है। पेंशन में यह बढ़ोतरी राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य की महिला और बुजुर्ग मतदाता पर पड़ेगा।
राजनीतिक बयानबाजी शुरू
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी कदम करार दिया है। राजद की प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा कि यह फैसला तेजस्वी यादव के दबाव के कारण लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी ने पहले ही यह वादा किया था कि उनकी सरकार बनने पर पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी जाएगी।
वहीं, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस फैसले का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसे “ऐतिहासिक फैसला” बताते हुए इसकी सराहना की।
आखिरकार, एक महत्वपूर्ण कदम
बिहार में विधानसभा चुनावों को लेकर सभी दलों की ओर से महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य कमजोर वर्गों को लुभाने के लिए कई ऐलान किए जा रहे हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह कदम उनकी ओर से एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि चुनावों के दौरान यह घोषणा किस तरह से मतदाताओं को प्रभावित करती है।