अन्य सांसदों संग शपथ नहीं ले पाएगा उमर अब्दुल्ला को हराने वाला शख्स, दिल्ली की अदालत ने NIA से मांगा जवाब

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में शनिवार को जम्मू-कश्मीर की बारामूला लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ राशिद इंजीनियर की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को वक्त देते हुए अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तारीख तय की है।

जिसके बाद राशिद अब अन्य नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों के साथ शपथ नहीं ले पाएंगे।

आतंकवाद की फंडिंग मामले में जेल में बंद इंजीनियर राशिद ने सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए अंतरिम जमानत या कस्टडी पैरोल की मांग करते हुए यह याचिका लगाई है। राशिद की याचिका पर ड्यूटी जज किरण गुप्ता की अदालत में हुई। जहां NIA की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए विशेष लोक अभियोजक (SPP) ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा। उन्होंने कहा कि क्योंकि यह UAPA का मामला है, इसलिए हमें लाने-ले जाने के तौर तरीकों पर विचार करने के लिए समय चाहिए।

राशिद की ओर से एडवोकेट विख्यात ओबेरॉय पेश हुए और उन्होंने कोर्ट से कहा कि राशिद वह व्यक्ति हैं जिन्होंने भारी बहुमत से चुनाव जीता है। लोग उनसे प्यार करते हैं और चाहते हैं कि वह संसद में लोकतांत्रिक तरीके से लोगों की लड़ाई लड़ें। राशिद की बात रखते हुए वकील ने कहा कि ‘शपथ लेना मेरा संवैधानिक कर्तव्य है और शपथ लेने के लिए मैं उनके सामने भीख मांगने को मजबूर हूं। यह वाकई शर्मनाक है।’

वकील ने तर्क दिया कि अदालत जेल अधिकारियों को लोकसभा सचिवालय से संपर्क करने का निर्देश दे सकती है, NIA को लोकसभा सचिवालय से संपर्क करने का निर्देश दे सकती है, या लोकसभा सचिवालय को राशिद के शपथ ग्रहण की तिथि तय करने का निर्देश दे सकती है। उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें जेल अधिकारियों को आरोपी को शपथ ग्रहण कराने का निर्देश दिया गया था।

इसके अलावा बचाव पक्ष के वकील ने AAP सांसद संजय सिंह के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पारित आदेश का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि इंजीनियर कोर्ट की हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें संसद ले जाने में NIA की कोई भूमिका नहीं रहेगी। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश किरण गुप्ता ने पाया कि इंजीनियर राशिद पर लगे आरोप AAP नेता के खिलाफ लगाए गए आरोपों से अलग हैं।

इससे पहले 18 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने NIA को निर्देश दिया था कि वह बताए कि राशिद इंजीनियर को तीन तारीखों में से किस तारीख को शपथ ग्रहण कराना है। जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट ने NIA को समय भी दिया। नवनिर्वाचित सांसदों के लिए शपथ ग्रहण करने की निर्धारित तिथियां 24, 25 और 26 जून हैं। लेकिन 1 जुलाई तक कार्यवाही टल जाने की वजह से राशिद अब अन्य सांसदों के साथ शपथ नहीं ले पाएंगे।

बता दें कि अब्दुल राशिद शेख उर्फ राशिद इंजीनियर NIA केस में हिरासत में रहते हुए जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट से सांसद चुने गए हैं। उन्होंने चुनाव में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है।

राशिद साल 2019 से जेल में है, जब NIA ने उन पर आतंकी फंडिंग मामले में कथित संलिप्तता के लिए UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत आरोप लगाया था। वह वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद है। पूर्व विधायक का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली की जांच के दौरान सामने आया था, जिसे NIA ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को कथित रूप से फंडिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। NIA ने मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। मलिक को मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

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